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नदियों के उद्गम स्थल सूखने पर HC सख्त, 19 नदियों के संरक्षण को बनेगी कमेटी; रिकॉर्ड दुरुस्त करने के आदेश

बिगुल
राज्य से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थल आखिर क्यों सूख रहे हैं, यह जानने और इन स्थलों को तलाशने के लिए राज्य सरकार द्वारा कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश की 19 नदियों के संरक्षण और संवर्धन पर यह कमेटी काम करेगी। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मंगलवार को यह आदेश दिए। इसके साथ ही सभी नदियों और उनके उद्गम स्थल को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने का भी आदेश दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि रिकार्ड में यह नदियां और उनके उद्गम स्थल फिलहाल नाले के रूप में दर्ज है। शासन द्वारा मंगलवार को प्रस्तुत जवाब में कहा गया कि 6 नदियों महानदी, हसदेव, तांदूला, पैरी, केलो, मांड के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।

अरपा नदी के साथ ही प्रदेश की अन्य नदियों के संरक्षण और संवर्धन की मांग करते हुए लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि अरपा में सालभर पानी की योजना के साथ प्रदेश की 9 प्रमुख नदियों के रिवाइवल की योजना पर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान 2018 में बनाई गई भागवत कमेटी की अनुसंशा याचिकाकर्ताओं की तरफ से उठाई गई। यह कमेटी नदियों के संरक्षण पर काम करने के लिए बनी थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थल आखिर क्यों सूख रहे हैं, यह जानने और इन स्थलों को तलाशने के लिए राज्य सरकार द्वारा कमेटी बनाई जानी चाहिए। शासन की ओर से इस पर सहमति जताई गई। इस कमेटी में जानकार तकनीकी अधिकारी अफसर, इतिहासकार, लेखक और पर्यावरणविद भी शामिल किए जाएंगे। यह कमेटी उद्गम स्थलों को पुनर्जीवित करने और इनसे पानी का बहाव बनाए रखने की दिशा में काम करेगी।

कमेटी का सबसे पहला काम होगा नदियों के उद्गमों की तलाश करना। शासन ने कहा कि जिन जिलों से नदियों का उद्गम है वहां के कलेक्टर इसके अध्यक्ष रहेंगे। इसके साथ ही खनिज, वन और जिला पंचायत के अधिकारी कमेटी के सदस्य होंगे।

याचिकाकर्ता अरविंद शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 19 छोटी-बड़ी नदियों का उद्गम है। इनमें धमतरी के सिहावा से महानदी, राजनांदगांव के अंबागढ़ से शिवनाथ नदी, कांकेर के भानुप्रतापपुर से तांदुला नदी, मनेन्द्रगढ़ के रामगढ़ से हसदेव नदी, गुरुर के पेटेचुआ से खारून नदी, महासमुन्द से जोंक नदी बिन्द्रानवागढ़ से पैरी नदी, मैनपाट से माड नदी, जशपुर के पंरापाट से ईब नदी, रायगढ़ के लुडेग से केलो नती, कोरबा के पठार से बोराई नदी, मलाजकुंडम से दूध नदी, बिलासपुर के खुड़िया पठार से कन्हार नदी, सरगुजा की मातरिंगा पहाड़ी से रिहन्द नदी, दुर्ग के उच्च भूमि से कोटरी नदी, बैलाडील से शबरी नदी, डांगरी-डोंगरी से डंकिन नदी, बैलाडीला से शखिनी नदी, राजनांदगांव के पठार से बाघ नदी और कोडागांव से नारंगी नदी निकलती है।

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