जनगणना की तैयारी पूरी, 62 हजार से ज्यादा अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी, जानें कब से होगी शुरू

बिगुल
छत्तीसगढ़ में जनगणना-2027 का पहला चरण 1 मई से शुरू होने जा रहा है. जिसकी तैयारियां पूरी हो गई है. वहीं इसे लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने प्रेस कांफ्रेंस की. वहीं जनगणना को लेकर जानकारी दी. इस मौके पर जनगणना कार्य निर्देशक कार्तिकेय गोयल भी मौजूद रहे.
जिसमें 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद भी अपने घर और परिवार की जानकारी भर सकेंगे. इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है. ऑनलाइन जानकारी भरने वालों को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे बाद में कर्मचारियों को दिखाना होगा.
कब से शुरू होगा पहला चरण?
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा.
इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर परिवार, मकान और बुनियादी सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा.
प्रगणक घर जाकर जनगणना के 33 प्रश्न पूछेंगे.
62,500 अफसर-कर्मियों की लगाई गई ड्यूटी
प्रदेश में जनगणना के लिए 62,500 अफसर-कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसमें 47 जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तर के अधिकारी होंगे. 472 चार्ज अधिकारी, 1160 मास्टर ट्रेनर्स, 51300 प्रगणक होंगे. इसके अलावा 9000 पर्यवेक्षकों की भी गणना के लिए ड्यूटी लगाई गई है. ये जनगणना 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और 19978 गांवों में की जाएगी.
पहली बार होगी डिजिटल होगी जनगणना
वहीं जनगणना बहुत ही खास मानी जा रही है, क्योंकि यह पूरी तरह से डिजिटल होगी. पहली बार डेटा मोबाइल के माध्यम से दर्ज किया जाएगा. इसकी निगरानी भी डिजिटल सिस्टम से की जाएगी. इस जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा. बता दें कि यह जनगणना स्वतंत्रता के बाद 8वीं और देश की 16वीं जनगणना होगी. यह पिछली बार 2011 में हुई थी.
जनगणना क्यों जरूरी?
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है. इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं.



