धमतरी की 61 ग्राम पंचायतों में बदली जिम्मेदारी, लंबे समय से एक जगह पदस्थ सचिव भी शामिल

बिगुल
धमतरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय, पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने जिले के 61 ग्राम पंचायत सचिवों के मूल प्रभार में फेरबदल संबंधी आदेश जारी किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन की मंशा के अनुरूप जनहित और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जिले की धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी जनपद पंचायतों के कुल 61 ग्राम पंचायत सचिवों के मूल प्रभार में परिवर्तन किया गया है। इनमें जनपद पंचायत धमतरी के 21, कुरुद के 25, मगरलोड के 5 और नगरी के 10 ग्राम पंचायत सचिव शामिल हैं। प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार विभिन्न ग्राम पंचायतों में अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है।
इस फेरबदल की खास बात यह है कि कई ग्राम पंचायतों में 10 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ सचिवों के मूल प्रभार में भी बदलाव किया गया है। लंबे समय से एक ही पंचायत में कार्यरत सचिवों को दूसरी पंचायतों में जिम्मेदारी मिलने से उनके अनुभव और कार्यकुशलता का लाभ अन्य पंचायतों को भी मिलने की उम्मीद है। इससे पंचायत स्तर पर नई कार्यशैली, बेहतर समन्वय और कामकाज में तेजी आने की संभावना है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य पंचायतों में पारदर्शिता, निष्पक्षता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करना है। नई जिम्मेदारियों के साथ ग्राम पंचायतों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विकास और निर्माण कार्यों की निगरानी, हितग्राहीमूलक योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और ग्रामीणों से जुड़े कार्यों के त्वरित निराकरण को गति मिलने की उम्मीद है।
जिला पंचायत प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से प्राप्त मांगों, प्रशासनिक आवश्यकताओं तथा पंचायतों के सुचारू संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य किसी कर्मचारी को दंडित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रशासन में बेहतर संतुलन स्थापित कर कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है।
ग्राम पंचायतें शासन की योजनाओं और ग्रामीण नागरिकों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में पंचायत सचिवों से संवेदनशीलता, पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के अनुरूप काम करने की अपेक्षा की जाती है। प्रशासन का प्रयास है कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण हो और पंचायतों में विकास कार्यों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी जयंत नाहटा द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी प्रभावित ग्राम पंचायत सचिवों को 22 अगस्त 2026 तक अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से प्रभार सौंपने और ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को मजबूत करने, पंचायतों के कामकाज में गति और पारदर्शिता लाने तथा विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



