Blog

उठाईगिरी-लूट गैंग का मास्टरमाइंड पकड़ा: छत्तीसगढ़ से ओडिशा तक नेटवर्क, चार बड़ी चोरियों का खुलासा

बिगुल
रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय उठाईगिरी का मास्टरमाइंड पकड़ा है। साथ ही कई वारदातों का खुलासा भी हुआ। जिसने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में 15 से ज्यादा चोरी-लूट की घटनाएं को अंजाम दिया। आरोपी बैंक के बाहर रेकी कर पेचकस और डुप्लीकेट चाबी से बाइक डिक्की या कार के शीशे तोड़कर नगदी उड़ाता था।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय उठाईगिरी-लूट गैंग के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ओडिशा से छत्तीसगढ़ तक सक्रिय था और 15 से अधिक चोरी व लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। फरार एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। यह गिरोह विशेषकर बैंक से पैसा निकालने वालों को निशाना बनाता था।

लैलूंगा पुलिस ने शातिर आरोपी अरविंद प्रताप सिंह उर्फ अरविंद नट को पकड़ा है। आरोपी अपने साथी ओमप्रकाश उर्फ बच्चा सिसोदिया उर्फ ओमप्रकाश नट के साथ कई जिलों में सक्रिय था। छत्तीसगढ़ और ओडिशा पुलिस को इनकी तलाश थी। जनवरी महीने में लैलूंगा थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल की डिक्की से उठाईगिरी की दो घटनाएं हुई थीं।

इसके अलावा बुधवारी बाजार और टीवीएस शोरूम के पास भी चोरी हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अंतरराज्यीय इनपुट जुटाए। इससे जशपुरनगर के ग्राम शिवपुरी निवासी आरोपियों की पहचान हुई। पुलिस ने अरविंद नट को फिर से उठाईगिरी की योजना बनाते हुए रेकी करते पकड़ा।

अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश
आरोपी अरविंद ने पुलिस को बताया कि वह ठेकेदारी का काम करता है। उसने अपने साथी ओमप्रकाश सिसोदिया के साथ मिलकर कई वारदातें की हैं। मध्य प्रदेश के अनूपपुर और शहडोल में भी उन्होंने चोरी की। ओडिशा के सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा में भी 10 से 12 उठाईगिरी की घटनाएं की हैं। आरोपी ने जशपुर जिले में भी चोरी की बात स्वीकार की है। यह गिरोह एक साल के भीतर 10 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका था।

अपराध का तरीका और बरामदगी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों का सुनियोजित तरीका सामने आया है। वे बैंक और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहते थे। बैंक से पैसा निकालकर निकलने वाले व्यक्तियों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही पेचकस या डुप्लीकेट चाबी से मोटरसाइकिल की डिक्की खोलते थे या कार का शीशा तोड़कर नकदी पार कर देते थे। चोरी के पैसों से एक बिना नंबर की होंडा साइन मोटरसाइकिल खरीदी गई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से यह मोटरसाइकिल, पेचकस और चाबी बरामद की है।

रायगढ़ में उजागर हुई चोरियां
जनवरी में लैलूंगा के घरघोड़ा सड़क पर मोटरसाइकिल की डिक्की से करीब 2 लाख 15 हजार रुपये की चोरी हुई थी। उसी महीने बुधवारी बाजार लैलूंगा के पास से 40 हजार रुपये की चोरी की गई। अप्रैल में दीवान होटल लैलूंगा के पास एक लाल रंग की कार का शीशा तोड़कर 59,000 रुपये चुराए गए। अप्रैल में ही अग्रसेन चौक के पास मोटरसाइकिल की डिक्की से 50 रुपये की चोरी हुई थी। आरोपी अरविंद नट के खिलाफ धारा 303 (2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है। उसे जेल भेज दिया गया है, जबकि उसका साथी अभी भी फरार है।

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button