कोरबा की रिसदी नर्सरी में भीषण आग, कई एकड़ में फैले पेड़-पौधे जलकर राख

बिगुल
रिसदी स्थित वन विभाग की चिड़ियाघर नर्सरी में बुधवार को भीषण आग लग गई। मंगलवार दोपहर 4 बजे की घटना के बाद यह आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते कई एकड़ में फैल गई। काले धुएं और आग की लपटों को देखकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।
प्रारंभिक तौर पर सामाजिक तत्वों की करतूत सामने आ रही है, वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नर्सरी में जानबूझकर आग लगाई गई है। लगभग 1 अप्रैल 2026 को भी इसी नर्सरी में आग लगने की घटना हो चुकी है। बार-बार आग लगने से विभाग भी सकते में है। आग लगने से नर्सरी क्षेत्र में रहने वाले पशु-पक्षी और जीव-जंतुओं का जीवन खतरे में पड़ गया। आग की लपटें देख पक्षी घोंसले छोड़कर आसमान में उड़ते नजर आए। छोटे जीव-जंतु इधर-उधर भागते दिखे। कई कीमती पौधे और साल पुराने पेड़ जलकर नष्ट हो गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
संसाधनों के अभाव में कर्मचारियों ने पेड़ की डालियों और पानी से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक नर्सरी को भारी नुकसान हो चुका था। काला धुआं और आग की लपटों की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक माह में दूसरी बार आग लगना लापरवाही दर्शाता है।
नर्सरी में सुरक्षा गार्ड और अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम न होने से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नर्सरी क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। लगातार आग की घटनाओं से पर्यावरण प्रेमियों में भी नाराजगी है। लोगों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और नर्सरी को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।



