बड़ी कार्रवाई: शिक्षा विभाग में वर्षों पुरानी अटैचमेंट व्यवस्था खत्म, व्याख्याता से भृत्य तक सामूहिक रूप से कार्यमुक्त

बिगुल
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर शिक्षा विभाग में लंबे समय से जड़ जमा चुकी अटैचमेंट (संलग्नता) व्यवस्था को DEO के आदेश के बाद पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। DPI से मिले सख्त निर्देशों के बाद डीईओ ने यह बड़ी कार्रवाई की है, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
मूल पदस्थापना पर लौटने के सख्त निर्देश
इस आदेश के तहत व्याख्याता, शिक्षक से लेकर भृत्य तक, जो भी कर्मचारी अपनी मूल शालाओं को छोड़कर अन्य जगहों पर अटैच थे, उन्हें सामूहिक रूप से कार्यमुक्त कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सभी प्रभावित कर्मचारियों को बिना किसी देरी के अपनी मूल पदस्थापना वाली जगहों पर जाकर तत्काल कार्यभार ग्रहण करना होगा।
कुछ पदों पर अब भी ‘संशय’ और ‘राहत’
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच कुछ विभागों और पदों को लेकर अब भी संशय की स्थिति बनी हुई है। आदेश में सभी कर्मचारियों को एक साथ कार्यमुक्त नहीं किया गया है, जिसमें मंडल संयोजक, एकलव्य एवं प्रयास विद्यालय के कर्मचारी और छात्रावास अधीक्षक शामिल है। इन पदों पर काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारी फिलहाल इस आदेश के दायरे से बाहर हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें विभाग के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं। इस आदेश के बाद लगभग 150 व्याख्याताओं को उनके मूल विभाग में भेज दिया गया है।



