सर्पनगरी : कोबरा-करैत से लेकर अजगर तक, रायगढ़ में डेढ़ माह में 700 सांपों का रेस्क्यू, अब रोज आ रहीं 40-50 कॉल

बिगुल
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बरसात का मौसम शुरू होते ही सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में सर्प रक्षक समिति की टीम दिन-रात सक्रिय रहती है। इस टीम ने अब तक 50 हजार से अधिक जहरीले और विषहीन सांपों का सुरक्षित बचाव किया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बरसात का मौसम शुरू होते ही सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे समय में जहां लोग भय और दहशत में आ जाते हैं, वहीं रायगढ़ जिले में सर्प रक्षक समिति की टीम पिछले एक दशक से भी अधिक समय से दिन-रात तत्पर है। इस टीम में अब तक रायगढ़ जिले में 50 हजार से भी अधिक जहरीले और विषहीन सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू करके उन्हें शहर से दूर जंगल में रिलीज कर चुके हैं। बरसात के महज डेढ महीने के भीतर ही रायगढ़ में 700 से अधिक सांपों को रेस्क्यू किया जा चुका है।
‘हमारा मकसद वन्यजीव संरक्षण का संदेश देना’
सर्प रक्षक समिति के अध्यक्ष विनितेश तिवारी बताते हैं कि सर्प रक्षक टीम का उद्देश्य केवल लोगों को सांपों के खतरे से बचाना ही नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण का संदेश देना भी है। टीम के सभी सदस्य किसी घर, खेत, दुकान, स्कूल या सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचते हैं और पूरी सावधानी के साथ सांप का रेस्क्यू करने के बाद उस क्षेत्र के लोगों को सांपों के बारे में जानकारी देने के बाद पकड़े गए सांपों की शहर से काफी दूर सुरक्षित जंगल या प्राकृतिक आवास में रिलीज कर देते हैं।
बरसात में बढ़ जाती है रेस्क्यू की कॉल
उन्होंने यह भी बताया कि हमारे व्हाट्सएप ग्रुप में वन विभाग से रेंजर, डिप्टी रेंजर एवं वंरक्षकों को भी शामिल किया गया है ताकि उन्हें भी समय-समय पर जानकारी होती रहे। किस एरिया में रेस्क्यू है और कौन करने जा रहा है। बरसात के दिनों में सर्प रक्षक समिति के पास रेस्क्यू कॉल की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। लगातार हो रही बारिश के कारण सांप अपने बिलों से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में प्रतिदिन 40 से 50 कॉल प्राप्त हो रही हैं, जिनमें कोबरा, करैत, रसेल वाइपर जैसे अत्यंत विषैले सांपों के रेस्क्यू भी शामिल हैं।



