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बड़ी खबर : SECL के अमेरा कोल माइंस से कोयला उत्पादन और ट्रांसपोर्ट ठप, हर रोज लाखों का हो रहा नुकसान

बिगुल
सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित SECL के अमेरा कोल माइंस में बारिश के चलते कोयला उत्पादन और ट्रांसपोर्ट बुरी तरह प्रभावित हो गया है. खराब सड़क और जलभराव की वजह से ट्रक खदान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. खदान से प्रतिदिन करीब 4000 टन कोयला सप्लाई का लक्ष्य तय है, लेकिन वर्तमान में केवल 300 से 400 टन प्रतिदिन ही कोयला भेजा जा रहा है. इससे SECL और ट्रांसपोर्टरों को हर दिन लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.

कोल माइंस का ग्रामीणों ने किया विरोध
बताया जा रहा है कि जिस सड़क से ट्रकों को खदान तक पहुंचना है, उसका निर्माण बरसात से पहले पूरा होना था, लेकिन काम समय पर नहीं होने से अब ट्रकों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. अमेरा कोल माइंस का करीब छह महीने पहले ग्रामीणों के विरोध के बावजूद विस्तार (एक्सटेंशन) किया गया था. इसके बाद उत्पादन शुरू हुआ, लेकिन बारिश शुरू होते ही खदान में पानी भरने और निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उत्पादन प्रभावित हो गया.

ट्रक मालिकों ने अवैध वसूली का आरोप लगाया
कोयला लोडिंग की रफ्तार धीमी होने के कारण ट्रकों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है. खदान के बाहर करीब 4 किलोमीटर लंबी ट्रकों की कतार लग गई है, जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. ट्रक मालिकों ने आरोप लगाया है कि माइंस परिसर में पार्किंग के नाम पर प्रति ट्रक 500 रुपये की अवैध वसूली भी की जा रही है। इससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

‘आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं’
इस पूरे मामले में SECL बिश्रामपुर क्षेत्र के उप क्षेत्रीय प्रबंधक ओम प्रकाश अटल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि स्थिति को सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. फिलहाल बारिश और सड़क की खराब स्थिति सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. इस अफसर ने स्वीकार किया कि दो दिन से कोयला उत्पादन बंद है और हर रोज 20-25 ट्रक ही कोयला ट्रांसपोर्ट हो रहा है.

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