44.63 लाख की सड़क कागजों में पूरी, मौके पर मिट्टी-गड्ढे! जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने खोला मोर्चा

बिगुल
कोरबा में मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत स्वीकृत ₹44.63 लाख की सड़क और नाली निर्माण पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि सरकारी रिकॉर्ड में निर्माण पूरा बताया गया है, जबकि मौके पर सड़क और नाली का कोई अस्तित्व नहीं मिला। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत स्वीकृत ₹44.63 लाख की सड़क और नाली कागजों में तो बन गई, लेकिन धरातल पर उसका नामोनिशान तक नहीं मिला। इस कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ आज जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कोरबा में मोर्चा खोल दिया।
सूचना बोर्ड पर सड़क पूरी, जमीन पर सिर्फ गड्ढे
जिला अध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे और जिला सचिव महावीर यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने छुईहापारा से मेन रोड तक स्वीकृत पैकेज नंबर 25 के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर लगे शासकीय सूचना बोर्ड में 0.5 किलोमीटर सीसी सड़क और नाली निर्माण कार्य पूर्ण होने तथा इसकी लागत ₹44.63 लाख बताई गई थी। हालांकि, पार्टी नेताओं के अनुसार मौके पर न सड़क मिली और न नाली। वहां मिट्टी, गहरे गड्ढे और बरसात का जमा पानी दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में यहां से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है।
सड़क नहीं होने से स्कूल से मंडी तक परेशानी
निरीक्षण के दौरान पार्टी नेताओं ने ग्रामीणों से संवाद किया। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं बनने से बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को मंडी तक अनाज ले जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने ठेकेदार और संबंधित विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
विधायक को पत्र लिखने की तैयारी
जिला सचिव महावीर यादव ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और क्षेत्रीय विधायक को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को एकजुट कर पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी, ताकि जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके।
‘जनता के लाखों रुपयों पर डाका बर्दाश्त नहीं’
जिला अध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा कि कागजों में विकास दिखाकर जनता के लाखों रुपये खर्च होने का दावा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने मामले में ठेकेदार, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।



