आजादी के पर्व पर इतिहास रचेगा बीजापुर, 33 गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा

बिगुल
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर जिले के 33 गांवों में इस वर्ष पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाएगा। दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कभी जहां राष्ट्रीय पर्व का उत्सव पहुंचना मुश्किल था, वहां न कभी तिरंगा फहराया गया, लेकिन अब तिरंगा फहराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। ऐसे में बीजापुर के इन 33 गांवों में इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि बदलाव, भरोसे और लोकतांत्रिक जुड़ाव का नया अध्याय है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर जिले के 33 गांवों में इस वर्ष पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाएगा। यह पहल जिले के उन दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इन गांवों में पहली बार तिरंगा फहरने से ग्रामीणों में उत्साह और देशभक्ति का नया संचार होगा।
जिले के चारों विकासखंडों के गांव इस अभियान में शामिल हैं। इनमें बीजापुर विकासखंड के 6, भैरमगढ़ के 15, भोपालपटनम के 7 और उसूर विकासखंड के 5 गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लंबे समय से सुरक्षा एवं पहुंच से जुड़ी चुनौतियां रही हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना लोकतंत्र और राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रतीक माना जा रहा है।
पहली बार तिरंगा फहराने वाले गांवों में लेण्ड्रा, अण्ड्री, एड्समेटा, पेद्दापाल, बीराभट्टी, परकेली, पोनड्वाया, कचिलवार, मोसला, तुमीरगुण्डा, जारवा, गुण्डापुरी, आदवाड़ा, सेण्ड्रा, दामाराम, मुक्कावेली, पालसेगुण्डी, झिल्ली, मारमिटा, एहकेली, पल्लेवाया, डोडूम, कुड़मेर, नीलमड़गू, बंदेपारा, कोरंजेड़, कचलारम, मरीमल्ला, कस्तूरपाड़, चिन्ना उटलापल्ली, पेद्दा उटलापल्ली, एड़ापल्ली और बोटेलंका शामिल हैं।
इन गांवों में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ग्रामीणों की सहभागिता से तिरंगा फहराया जाएगा। प्रशासन की इस पहल से दूरस्थ क्षेत्रों में राष्ट्रीय पर्व की खुशियां पहुंचने के साथ ही नागरिकों में देश के प्रति गौरव, एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होने की उम्मीद है।



