वंदे मातरम’ पर सियासी संग्राम तेज, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और विधायक अटल श्रीवास्तव आमने-सामने

बिगुल
वंदे मातरम के गायन को लेकर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। गोवा के एक राजनीतिक कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में गीत के दो पद गाए जाने को लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके बाद कांग्रेस की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई और मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया।
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि वंदे मातरम देश की आजादी और जनजागरण के इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है। इसके गायन से लोगों में मातृभूमि और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े इस गीत के सम्मान में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और इसका पूरा गायन किया जाना चाहिए।
अटल श्रीवास्तव ने दी भाजपा नेताओं को चुनौती
तोखन साहू के बयान पर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या भाजपा का कोई भी मंत्री सार्वजनिक मंच से वंदे मातरम का पूरा गायन करके दिखा दे, तो वे उन्हें दंडवत प्रणाम करेंगे। अटल श्रीवास्तव ने कहा कि गीत के कुछ शब्द बंगाली भाषा में हैं और इसे पूरा गाने में समय लगता है। उनके मुताबिक लंबे समय से वंदे मातरम के दो प्रमुख पदों के गायन की परंपरा रही है। उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
खड़गे के बयान से भी बढ़ी राजनीतिक गर्मी
इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आरएसएस और भाजपा पर दिए गए ‘दिमागी शुद्धिकरण’ वाले बयान ने भी सियासी माहौल गरमा दिया है। खड़गे ने प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान का जिक्र करते हुए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा था। वंदे मातरम से शुरू हुआ विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच चुका है और जीपीएम में भी इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।



