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ब्रेकिंग : धमतरी में ED की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के घर पर मारी रेड, जांच जारी, 3000 करोड़ की कमाई का आरोप


धमतरी में ED ने बड़ी कार्रवाई की है. ED की टीम ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के निवास पर दबिश दी है.

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला, कोयला घोटाला और कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े मामलों में ED की टीम कार्रवाई कर रही है. सुबह दो अलग-अलग गाड़ियों में ED की टीम रामगोपाल अग्रवाल के घर पहुंची. टीम में सुरक्षा बलों समेत करीब 8 सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं. ED की टीम सुबह से ही घर के अंदर मौजूद है और दस्तावेजों समेत अन्य जरूरी रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है. कार्रवाई को लेकर फिलहाल ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

ED ने रामगोपाल वर्मा को किया था गिरफ्तार

बता दें कि इसके पहले छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है. ईडी ने उन्हें 11 अगस्त 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया. रामगोपाल अग्रवाल पहले से रायपुर केंद्रीय जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध थे. गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें ED की रिमांड पर भेज दिया है.

3000 करोड़ की कमाई का आरोप

जांच के दौरान ईडी ने दावा किया कि अनिल टुटेजा (सेवानिवृत्त IAS), अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी (ITS) से जुड़े सिंडिकेट ने राज्य के शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित कीं. एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 3,000 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय जुटाई गई. ED का आरोप है कि यह रकम शराब बिक्री पर अवैध कमीशन, बिना हिसाब वाली देशी शराब की बिक्री, डिस्टिलरों से वार्षिक कमीशन, विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन और एफएल-10ए लाइसेंस देने के एवज में वसूली गई राशि के माध्यम से अर्जित की गई.

जांच में सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए ईडी ने कहा है कि अपराध से अर्जित नकद राशि का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया. एजेंसी के मुताबिक, उस समय प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रहे अग्रवाल तक यह नकदी सिंडिकेट के कथित हैंडलरों के माध्यम से पहुंचाई गई. ED के अनुसार, पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए उन लोगों के बयानों में भी नकदी पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिन्होंने कथित तौर पर रकम को संभाला और स्थानांतरित किया था.

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