Blog

पेपर लीक : फंडामेंटल्स आफ जेनेटिक्स का पेपर भी हुआ था लीक… 100% मैच हुए सवाल

बिगुल
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में परीक्षा की गोपनीयता पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. कीट विज्ञान और प्लांट पैथोलॉजी के बाद अब फंडामेंटल्स आफ जेनेटिक्स (Fundamentals of Genetics) का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से महज कुछ घंटे पहले लीक हो का दावा किया जा रहा है. खास बात यह है कि वायरल हुई पीडीएफ और परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों का मिलान करने पर 100 प्रतिशत समानता पाई गई है. इस पूरे मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई की बात कही है. उन्होने कहा है कि पेपर लीक से जुड़े मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कार्ऱवाई होगी.

सूत्रों के मुताबिक बीएससी प्रथम वर्ष के इस महत्वपूर्ण विषय की परीक्षा 19 अगस्त को सुबह 10 बजे से निर्धारित थी. लेकिन, परीक्षा शुरू होने से करीब 5-6 घंटे पहले यानी तड़के 4 से 5 बजे के बीच यह प्रश्नपत्र और उसके उत्तर सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से प्रसारित होने लगे. सूत्रों के मुताबिक वायरल पीडीएफ में केवल एक-दो सवाल नहीं, बल्कि परीक्षा के तीनों भागों (Part A, Part B और Part C) के प्रश्न और उनके विस्तृत उत्तर पहले से मौजूद थे.

प्राचार्य समेत मास्टरमाइंड बर्खास्त

वहीं, लापरवाही बरतने के आरोप में प्राचार्य डॉ. एके दुबे और पूरे पेपर लीक के मास्टरमाइंड योगेश सोनकेसरिया को दुर्ग के भारती कॉलेज प्रबंधन ने भी मामले में कार्रवाई करते हुए बर्खास्त कर दिया है. बताते चलें कि, इनके द्वारा लंबे समय से लापरवाही बरती जा रही थी जिसके खिलाफ अब एक्शन लिया गया है.

पेपर लीक के बाद दो परीक्षाएं रद्द

पेपर लीक के बाद विश्वविद्यालय ने 2 परीक्षाएं रद्द की है. पेपर लीक के बाद 7 अगस्त को हुई BSc कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा रद्द कर दी गई. जांच में यह बात सामने आई कि गिरफ्तार आरोपियों ने यह प्रश्न पत्र भी लीक किया था. इतना ही नहीं, इससे पहले 20 अगस्त को BSc कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा रद्द की गई थी. क्योंकि इस परीक्षा का भी प्रश्नपत्र लीक किया गया था. अब दोनों परीक्षाएं. इस सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी.
मामले को लेकर हुए कई बड़े खुलासे

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के पेपर लीक मामला काफी समय से चर्चा में रहा है. अब जब कार्रवाई हुई है तो जाहिर सी बात है कई बड़े खुलासे भी हुए हैं. बताया जा रहा है कि, एग्रीकल्चर विषय के पेपर कुछ घंटों नहीं बल्कि एक दिन पहले छात्रों तक पहुंच जाता था. यही नहीं, पूरे सेमेस्टर के कई विषयों के प्रश्नपत्र PDF के रूप में छात्रों के बीच शेयर किए जा रहे थे. एक पेपर की कीमत करीब 5 हजार रुपए बताई जाती थी.

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button