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एशियन गेम्स में मेंस कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, फाइनल में ईरान को 40-34 से हराया, महिलाओं के बाद पुरुष कबड्डी टीम ने भी जीता सोना

बिगुल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष टीम ने भी ईरान को मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इसके पहले भारतीय महिला टीम ने ईरान को 37–34 से हराकर गोल्ड जीता। आज अब तक 5 पदक भारत की झोली में आए हैं।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने न केवल कबड्डी में अपना वर्चस्व कायम रखा है, बल्कि इस टूर्नामेंट में देश के लिए चौथा स्वर्ण पदक भी हासिल किया है। पूरे मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और ताकत का प्रदर्शन किया, जिससे मजबूत मानी जाने वाली ईरानी टीम को अंत में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले आज के दिन भारतीय महिला टीम ने भी कबड्डी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। ईरान की टीम ने शुरुआती मिनटों में भारत को कड़ी चुनौती दी। इसी वजह से हाफ टाइम तक ईरान की टीम 18-17 से आगे थी। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने सही समय पर वापसी की। भारत की ओर से रेडिंग में अर्जुन देशवाल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण अंक बटोरे, वहीं डिफेंस में सुमित और राहुल की जोड़ी ने विपक्षी रेडरों को टिकने नहीं दिया। हालांकि ईरान के स्टार खिलाड़ी शादलोई ने कुछ मौकों पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस की रणनीति के आगे उनकी एक न चली। मैच के आखिरी छह मिनटों में भारत ने बढ़त बना ली, जिसे उन्होंने अंत तक बनाए रखा।

पुरुष टीम की इस ऐतिहासिक जीत से पहले भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी देश का मान बढ़ाया। महिला कबड्डी के फाइनल मैच में भारत ने ईरान को 37-34 के करीबी अंतर से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। एक ही दिन में कबड्डी के दोनों वर्गों महिला और पुरुष में ईरान को हराकर गोल्ड मेडल जीतना भारतीय खेल जगत के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। भारतीय महिला खिलाड़ियों ने भी पूरे मैच में धैर्य और बेहतरीन रणनीति का परिचय दिया था।

भारत के खाते में 4 गोल्ड मेडल
इस जीत के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या चार हो गई है। वहीं भारत मेडल टैली में 28 मेडल के साथ 10वें नंबर पर है। इससे पहले दिन में सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में इतिहास रचा और 2:11:37 के अपने अब तक के सबसे अच्छे समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारत को 44 साल बाद मेंस मैराथन में एशियन गेम्स का पहला मेडल मिला। स्क्वैश में, जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने मिक्स्ड डबल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। अब आज के दिन भारत के खाते में और कितने मेडल आते हैं ये देखने वाली बात होगी।

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