Asian Games: ट्रक ड्राइवर की बेटी ने भारत को जिताया मेडल, अपना खून बहाकर बनी एथलीट

बिगुल
एशियन गेम्स 2026 में तमिलनाडु की एथलीट विथ्या रामराज ने इतिहास रच दिया. विथ्या ने 400 मीटर हर्डल रेस में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. इस रेस को विथ्या ने 54.75 सेकेंड में पूरा कर ब्रॉन्ज मेडल जीता.इस खिलाड़ी ने जीत के साथ अपना पर्सनल बेस्ट भी बनाया और साथ ही उन्होंने नेशनल रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. 400 मीटर हर्डल में यूएई की मरियम करीम ने गोल्ड जीता और कजाकस्तान की एडेलीना जेम्स ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
विथ्या रामराज खून बहाकर बनीं एथलीट
विथ्या रामराज का एशियन गेम्स में मेडल जीतना बहुत बड़ी बात है. विथ्या का जन्म एक बेहद ही साधारण परिवार में हुआ था. इनके पिता ट्रक ड्राइवर हैं. विथ्या को एथलीट बनाने का फैसला उनकी मां का था. गांववालों ने इस फैसले पर काफी सवाल खड़े किए लेकिन मां ने विथ्या को एथलीट बनाकर ही दम लिया. विथ्या के परिवार के पास जूते तक खरीदने के पैसे नहीं थे. जूतों की कीमत 25000 रुपये थी लेकिन विथ्या फटे जूतों के साथ रेस जीतीं. शुरुआती दिनों में तो उन्होंने कई रेस खून से सने पैरों से जीती. कोविड 19 के दौरान भी विथ्या काफी बीमार हो गई थीं और बाद में उनकी अपेंडिसाइटिस की सर्जरी हुई. परिवार ने खेल छोड़ने को कहा लेकिन विथ्या ने हार नहीं मानी.
विथ्या का चमकदार करियर
विथ्या रामराज ने पिछले एशियन गेम्स में भी अपना दम दिखाया था. 2023 में हांगझोउ में हुए एशियन गेम्स में इस खिलाड़ी ने 400 मीटर हर्डल में ब्रॉन्ज जीता था. इस जीत के साथ उन्होंने पीटी उषा की बराबरी की थी. हांगझोउ में ही विथ्या ने 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले में सिल्वर और 4×400 मीटर महिलाओं की रिले में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था. 2025 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने ब्रॉन्ज जीता था.अब एशियन गेम्स में उन्होंने फिर अपना दम दिखाया है.



