छत्तीसगढ़ BJP को बड़ा झटका: अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का निधन; 78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

बिगुल
छत्तीसगढ़ की राजनीति से दुखद खबर सामने आई है। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। वे 78 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा संगठन, समर्थकों और अहिवारा क्षेत्र में शोक का माहौल है।नक्शे देखें
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में अहिवारा विधानसभा क्षेत्र का दो बार प्रतिनिधित्व किया। राजनीति के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।
2008 में पहली बार बने विधायक, 2023 में फिर हासिल की जीत
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने वर्ष 2008 में भाजपा के टिकट पर पहली बार अहिवारा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन्हें प्रत्याशी बनाया।
इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार निर्मल कोसरे को 25 हजार 263 मतों के अंतर से हराया था। 75 वर्ष की उम्र में विधायक चुने जाने के बाद वे छत्तीसगढ़ की छठी विधानसभा के सबसे उम्रदराज सदस्यों में शामिल रहे।नक्शे देखें
भेंडरा गांव में हुआ था जन्म, राजनीति शास्त्र में की थी MA
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का जन्म 12 अगस्त 1948 को बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम भेंडरा में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय नम्मू दास कोर्सेवाड़ा था।
उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी। इसके साथ ही बीएड की डिग्री भी हासिल की। शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे शासकीय सेवा से जुड़े और सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में सक्रिय हुए।
उनका विवाह 4 मई 1970 को कमला कोर्सेवाड़ा से हुआ था। परिवार में उनके एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बनाए गए थे
राजनीति में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए नवंबर 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया था। प्राधिकरण के माध्यम से उन्हें अनुसूचित जाति वर्ग के विकास और कल्याण से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी मिली थी।नक्शे देखें



