कोल इंडिया में बड़े आंदोलन की तैयारी, वेतन समझौते में देरी पर श्रमिकों में रोष, JBCCI-12 के गठन की मांग तेज

बिगुल
एक जुलाई को गेवरा परियोजना में संयुक्त मोर्चा एचएमएस, एटक, इंटक, सीटू ने गेट मीटिंग और धरना प्रदर्शन किया। हजारों विभागीय और ठेका श्रमिकों ने कोल इंडिया प्रबंधन से जेबीसीसीआई-12 का तुरंत गठन करने की मांग की। हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष रेशम लाल यादव ने इस प्रदर्शन की अगुवाई की।
यह दिन “मांग दिवस” के रूप में मनाया गया। सुबह से ही मेन गेट पर श्रमिकों की भीड़ जुटने लगी थी। गेट मीटिंग में वक्ताओं ने बताया कि पिछला वेतन समझौता लागू हुए काफी समय हो चुके हैं। नए वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई-12 का गठन अब तक नहीं हुआ है। कमेटी के बिना वेतन समझौता वार्ता शुरू नहीं हो सकती।
इससे कर्मचारियों को रिवाइज्ड वेतन समय पर नहीं मिलेगा। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि वेतन बढ़ोतरी और भत्तों में संशोधन की वार्ता शुरू करना उनका हक है। इसमें और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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कर्मचारियों ने दी चेतावानी
कार्यक्रम के अंत में संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने गेवरा क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधक सुधा शिंदे को मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में कोल इंडिया प्रबंधन से जेबीसीसीआई-12 का शीघ्र गठन करने की मांग की गई। इसका उद्देश्य कर्मचारियों का वेतन समझौता समय पर पूरा करना है। रेशम लाल यादव ने चेतावनी दी कि मांग न मानने पर आंदोलन तेज होगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जाएगी।



