
यहां भाजपा ने आठ बार के विधायक और राज्य सरकार के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को मैदान पर उतारा है तो कांग्रेस ने एक बार के विधायक और पिछले विधानसभा में हारे प्रत्याशी विकास उपाध्याय पर दांव खेला है। दोनों ही प्रत्याशियों का क्षेत्र को लेकर अलग-अलग विजन है।
मतदाता शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं को रोजगार पर प्रत्याशियों का फोकस है। कांग्रेस प्रत्याशी विकास शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत संसाधनों के विस्तार की बात करते हुए प्रदूषण सहित अन्य समस्याओं से निजात दिलाने का दावा कर रहे हैं। वहीं बृजमोहन शिक्षा, स्वास्थ्य के मामले में राजधानी को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने का दावा करते हैं। राज्य में विकास के लिए भाजपा सरकारों को ही जिम्मेदार ठहराते हैं।
पांच सवाल
1 जनता आपको सांसद क्यों चुने, इस पर क्या कहेंगे?
2 रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं पर आपका विजन ?
3 क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या किसे मानते हैं, समाधान क्या है?
4 क्षेत्र में आपके दल द्वारा किए गए तीन प्रमुख कार्य क्या हैं?
5 वह कौन से तीन काम हैं, जो आप प्राथमिकता से क्षेत्र में कराएंगे
भाजपा प्रत्याशी : बृजमोहन अग्रवाल
35 वर्षों से मैं विधायक हूं। रायपुर की जनता और मेरे बीच राजनेता का संबंध नहीं बल्कि पारिवारिक संबंध है। जन भावनाओं के मुताबिक ही रायपुर का विकास कराया है। इसलिए मुझे विश्वास है कि जनता भरोसा बरकरार रखेगी।
हमारा मूल उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को बढ़ावा देना है। शिक्षा के लिए स्कूलों का उन्नयन, कालेजों का विस्तार किया जाएगा। साथ ही रोजगार के इंतजाम किए जाएंगे।
भाजपा नीत केंद्र सरकार में ही छत्तीसगढ़ का गठन किया गया। रायपुर को राजधानी बनाया। रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाया। शहर में एम्स, आइआइआइटी, एनआइटी स्थापित किया। चारों ओर सड़कों की कनेक्टिविटी, फ्लाइओवर व अन्य निर्माण करवाए गए।
– शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार राज्य व केंद्र दोनों सरकार की प्राथमिकता में है। आने वाले समय में क्षेत्र में स्कूलों का उन्नयन करने के साथ ही कालेजों का विस्तार भी किया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों में स्थानीयों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी और युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम भी चलाया जाएगा।
कांग्रेस प्रत्याशी : विकास उपाध्याय
10 साल से केंद्र में भाजपा की सरकार है। उन्होंने महंगाई दूर करने का दावा किया था, लेकिन खोखला साबित हुआ। बेरोजगारी और किसानों की स्थिति पर भी भाजपा कभी बात नहीं करती।
रायपुर की जनसंख्या आठ लाख से 25 लाख के आसपास पहुंच गई है। रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, पेयजल व्यवस्था, स्कूल, कालेज सहित सभी संसाधनों का विस्तार अब बेहद जरूरी है।
विधानसभावार चुनौतियां हैं। बलौदा बाजार में सीमेंट फैक्ट्रियां हैं, किसानों व गरीबों की जमीनें अधिग्रहित की जा रही हैं। रोजगार भी नहीं मिल पा रहा है। धरसींवा व रायपुर पश्चिम में प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या है। इंफ्रास्ट्रक्चर भी रायपुर के अनुरूप नहीं है।
आंबेडकर अस्पताल, रविशंकर शुक्ल विवि हमने बनवाया, स्वामी आत्मानंद स्कूल, हाफ बिजली बिल योजना, तालाबों का संरक्षण सहित सभी कार्य हमने ही करवाए। जितने भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर हैं, उनकी नींव कांग्रेस ने ही रखी है।