दर्दनाक : विशाखापट्टनम में बंधक बनाए गए छत्तीसगढ़ के मजदूर, ईंट भट्टों पर कराई जा रही है जबरन मजदूरी

बिगुल
कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर के कोयलीबेड़ा के रहने वाले 8-10 मजदूरों को आँध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में बंधक बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ के इन मजदूरों को ईंट भट्टों पर जबरन मजदूरी कराई जा रही है.
मजदूरों ने वापस अपने घर आने के लिए संवाददाता से संपर्क कर प्रशासन को छुड़वाने की गुहार लगाई है. इसके पहले सूरजपुर जिले के पांच मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधक बना लिया गया था। इनमें से भैयाथान विकासखंड के चार मजदूर ओडगी विकासखंड के एक मजदूर शामिल हैं।
बंधक बनाए गए मजदूरों से उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए हैं। साथ ही उनकी पिटाई भी की जा रही है। न तो उन्हें खाना दिया जा रहा है और न ही पैसे दिए जा रहे हैं। घर आने की कहते तो ठेकेदार उन्हें प्रताड़ित करने लगता है। दरअसल, ठेकेदार के चंगुल से भागकर आए एक मजदूर ने यह आपबीती बताई है।
मजदूर का नाम शिवलाल है, जो भैयाथान विकासखंड का रहने वाला है। इसने बताया कि, सितंबर में भैयाथान व ओडगी के छह मजदूरों को एजेंट द्वारा जबलपुर में मजदूरी का काम करने के लिए 15 हजार रुपये महीने पर बैढ़न निवासी एक एजेंट ने बुलाया। जो सभी को गुमराह कर अपने साथ महाराष्ट्र में एक ठेकेदार के पास ले गया। फिर उन्हें वहीं छोड़कर खुद कहीं चला गया।
ठेकेदार ने बोरिंग मशीन गाड़ी के काम में सभी मजदूरों को लगा रखा था। दिनभर काम करवाता था। समय से न तो खाना मिलता था और न ही पैसे दिए जा रहे थे। शिवलाल ने बताया, एक दिन रात के अंधेरे में मैं किसी तरह वहां से भाग निकला। बस पकड़कर अपने गांव तक आया। फिर एक दिन सभी मजदूर काम छोड़कर घर लौटने का इरादा बनाए। ठेकेदार से मजदूरी मांगी और घर जाने की बात कही गई। लेकिन ठेकेदार ने घर जाने से मना कर दिया।