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छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में ₹5.60 लाख करोड़ का निवेश तथा 15 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी बनाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बिगुल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में चार दिवसीय समिट और एक्सपो का उद्घाटन किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों की राउंड टेबल चर्चा आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नई दिल्ली पहुंचे जहां वे भारत मंडपम में आयोजित इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 में शामिल हुए।
श्री साय ने निवेशकों से चर्चा की तथा छत्तीसगढ़ के स्टॉल का अवलोकन किया।

130 से अधिक देशों के वैश्विक ऊर्जा समिट में छत्तीसगढ़ की दमदार मौजूदगी दिखाई दी है। छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में ₹5.60 लाख करोड़ का निवेश तथा 2030 तक 15 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

भारत मंडपम से शुरू हुई यह पहल न केवल देश में नई निवेश और तकनीक को आकर्षित करेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

इस वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के ऊर्जा विजन को प्रमुखता से प्रस्तुत करेंगे। उनका जोर राज्य को ऊर्जा उत्पादन के पारंपरिक केंद्र के साथ-साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी अग्रणी बनाने पर रहेगा। मुख्यमंत्री राज्य की प्राकृतिक संसाधन क्षमता, ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं, ग्रीन एनर्जी के विस्तार और भविष्य की निवेश योजनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने रखेंगे।

मुख्यमंत्री का विजन छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के साथ-साथ देश की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को प्रोत्साहन, आधुनिक ऊर्जा अधोसंरचना का विकास और निजी निवेश की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल रहेगा।

मुख्यमंत्री निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद कर छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं तथा निवेश के अनुकूल वातावरण की जानकारी भी साझा करेंगे। उनका प्रयास राज्य की ऊर्जा क्षमता को नए निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के अवसरों में बदलना है।

2 से 5 नवंबर तक आयोजित इस वैश्विक समिट में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के लिए यह आयोजन राज्य के ऊर्जा विजन को वैश्विक पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

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