Blog

छत्तीसगढ़ में EOW का बड़ा एक्शन: शराब-कोल लेवी और मेडिकल घोटाले में 6 जिलों के 16 ठिकानों पर छापेमारी

\बिगुल

छत्तीसगढ़ में आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच तेज हो गई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शुक्रवार को तीन बड़े कथित घोटालों को लेकर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान शराब घोटाला, कोल लेवी और मेडिकल घोटाले से जुड़े मामलों में रायपुर समेत प्रदेश के छह जिलों में 16 ठिकानों पर जांच की गई।

कार्रवाई के दौरान जांच टीमों ने वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज जुटाए। इसके अलावा कई डिजिटल उपकरण और अन्य संभावित साक्ष्य भी अपने कब्जे में लेकर जांच के दायरे में शामिल किए गए हैं।

शराब घोटाला: रायपुर और राजनांदगांव में 6 ठिकानों पर तलाशी
शराब घोटाले से संबंधित अपराध क्रमांक 04/2024 की जांच के तहत EOW की टीमों ने रायपुर और राजनांदगांव जिले में छह स्थानों पर तलाशी ली। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज है।

जांच एजेंसी ने तलाशी के दौरान मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य संभावित साक्ष्य जुटाए हैं। इन सामग्रियों के जरिए कथित आर्थिक गड़बड़ियों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

कोल लेवी प्रकरण: चार जिलों में EOW की जांच
कोल लेवी मामले में भी ब्यूरो ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। अपराध क्रमांक 03/2024 के तहत कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जिले में छह ठिकानों पर तलाशी ली गई।

इस कार्रवाई में कथित अवैध लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। जांच के दौरान संपत्तियों की रजिस्ट्री समेत कई महत्वपूर्ण कागजात मिलने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी संबंधित लोगों की संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।

मेडिकल घोटाला: रायपुर और गरियाबंद में 4 जगह कार्रवाई
मेडिकल घोटाले की जांच के सिलसिले में EOW ने रायपुर और गरियाबंद जिले में चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला अपराध क्रमांक 05/2025 के तहत दर्ज है।

इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अलावा आपराधिक विश्वासघात, कूटरचना, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। तलाशी के दौरान जांच टीम ने दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जुटाई है, जिनका इस्तेमाल मामले की आगे की जांच में किया जाएगा।

दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में जुटी एजेंसी
EOW के अनुसार, तीनों मामलों में तलाशी के दौरान एकत्र की गई सामग्री का तकनीकी और तथ्यात्मक परीक्षण किया जा रहा है। दस्तावेजों के साथ डिजिटल उपकरणों में मौजूद जानकारियों की भी जांच होगी।

जांच एजेंसी का मानना है कि इन सामग्रियों से पहले से सामने आए तथ्यों और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी कड़ियों को समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल तीनों मामलों में जांच जारी है।

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button