रक्षाबंधन पर हिन्दु-मुस्लिम के बीच विवाद, दो पक्षों में जमकर पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी के बाद हुआ विवाद

बिगुल
बिलासपुर शहर में मामूली विवाद ने देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और बम भी चलाए।
मौके पर पहुंचे एसपी और कलेक्टर
हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही एसपी रजनीश सिंह और कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए रखी। हालांकि, विवाद के दौरान दोनों पक्षों के दो दर्जन से ज्यादा लोगों के साथ कुछ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की सूचना है।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
पत्थरबाजी में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया। तनाव को देखते हुए पुलिस बल बड़ी संख्या में मौके पर तैनात किया गया। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। रात करीब 1 बजे तक पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग की जा रही है।
अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जानकारों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट से विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी कमेंट को लेकर हिंदूवादी संगठन के लोग सिटी कोतवाली क्षेत्र के खपरगंज इलाके में पहुंच गए। इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे से मारपीट की और आनन-फानन में दूसरा पक्ष भी आक्रामक हो गया, जिससे विवाद बढ़ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस समय विवाद शुरू हुआ और युवकों की भीड़ जुटनी शुरू हुई, तब सिटी कोतवाली टीआई के साथ ही सीएसपी गनन कुमार और एडिशनल एसपी पंकज पटेल को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने सिर्फ पेट्रोलिंग टीम को मौके पर भेज दिया। वहां पुलिस की मौजूदगी में मारपीट के बाद पथराव शुरू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति होने पर दोयम दर्जे के अफसर मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित कर लेते रहे हैं, लेकिन इस बार पुलिस अफसरों की इस उदासीनता का नतीजा यह हुआ कि भीड़ उग्र हो गई, जिसके बाद तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।



