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वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा, पैंगोलिन के शल्क और तेंदुए की खाल बरामद; 6 आरोपी हिरासत में

बिगुल

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर संरक्षित वन्यजीवों से जुड़े अवैध कारोबार का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पैंगोलिन के 9.260 किलोग्राम शल्क और तेंदुए की एक खाल जब्त की गई है। मामले में छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।नक्शे देखें

दो गांवों में वन विभाग की छापेमारी, छह लोग पकड़े गए
जानकारी के मुताबिक, वन विभाग को वन्यजीवों के अवैध कारोबार से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले थे। इसके बाद विभागीय टीम ने सबसे पहले गंगालूर तहसील के ग्राम रेड्डी में कार्रवाई की। यहां तलाशी के दौरान पैंगोलिन के कुल 9.260 किलोग्राम शल्क बरामद हुए।

मौके से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पहली कार्रवाई के दौरान पूछताछ में सामने आए तथ्यों और मिले सुरागों के आधार पर वन विभाग ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। इसके बाद टीम ने बासागुड़ा क्षेत्र के ग्राम मल्लेपल्ली में दबिश दी। यहां तलाशी के दौरान तेंदुए की एक खाल बरामद की गई। इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।

वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई
वन विभाग के अनुसार, पैंगोलिन और तेंदुआ दोनों ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल हैं। इन प्रजातियों को अत्यधिक संरक्षण प्राप्त है। इनके शिकार, अंगों की खरीद-बिक्री और अवैध तस्करी जैसे अपराधों पर कानून के तहत कठोर दंड का प्रावधान है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है।

फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। विभाग की कार्रवाई को जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वन विभाग की इस कार्रवाई से एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण को लेकर सख्ती की जरूरत सामने आई है।

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