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ब्रेकिंग : IPS गौरव राय ने बनाया बड़ा मुकाम, देश के टॉप-10 पुलिस कप्तानों में शामिल, सीएम विष्णु देव साय ने दी बधाई

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पुलिस अधीक्षक आइपीएस गौरव राय ने पुलिस नेतृत्व और कार्यशैली के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। फेम इंडिया–एशिया पोस्ट के ‘सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तान 2026’ सर्वे में गौरव राय को देश के टॉप-10 पुलिस कप्तानों में स्थान दिया गया है। उन्हें 875 अंक मिले हैं और उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे इस सूची में जगह बनाने वाले छत्तीसगढ़ के इकलौते पुलिस अधिकारी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गौरव राय को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने उनके दंतेवाड़ा में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित और चुनौतीपूर्ण इलाके में उन्होंने प्रभावी पुलिस रणनीति, सुरक्षा अभियानों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभाई।

30 पुलिस अधिकारियों की विशेष सूची

फेम इंडिया–एशिया पोस्ट के सर्वे में पुलिस अधिकारियों के मूल्यांकन के लिए पुलिस नेतृत्व, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा, अनुसंधान, विशेष अभियानों, तकनीकी इस्तेमाल और जनभागीदारी जैसे कई पहलुओं को आधार बनाया गया। इस विशेष सूची में कुल 30 पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें 25 अधिकारी मुख्य सूची में हैं, जबकि 5 अधिकारियों को ‘सुपर-5’ श्रेणी में रखा गया है। गौरव राय का टॉप-10 में शामिल होना उनके पुलिस करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ-साथ छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए भी उल्लेखनीय माना जा रहा है। दंतेवाड़ा जैसे चुनौतीपूर्ण जिले में अनुभव हासिल करने के बाद अब बलौदाबाजार-भाटापारा में नई जिम्मेदारी संभाल रहे गौरव राय को मिली यह राष्ट्रीय पहचान उनके नेतृत्व की अहम उपलब्धि के तौर पर देखी जा रही है।

दंतेवाड़ा में चुनौतीपूर्ण पुलिसिंग से बनाई पहचान

2019 बैच के IPS अधिकारी गौरव राय महाराष्ट्र के अमरावती से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने पुणे से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा पास कर छत्तीसगढ़ कैडर का चयन किया। बीजापुर में सेवा के बाद वर्ष 2023 में उन्हें दंतेवाड़ा जिले की पुलिस कमान सौंपी गई। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में उनके सामने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय लोगों का विश्वास हासिल करने और दूरदराज के इलाकों में प्रशासन की पहुंच मजबूत करने की चुनौती थी।

सुरक्षा अभियानों के साथ विकास पर जोर

गौरव राय के कार्यकाल में पुलिसिंग का फोकस केवल सुरक्षा अभियानों तक सीमित नहीं रहा। सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल, स्थानीय स्तर से मिलने वाली सूचनाओं का इस्तेमाल और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। दंतेवाड़ा के अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में पुलिस की भूमिका को भी महत्व दिया गया।

आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति को मिली गति

नक्सल प्रभावित इलाकों में हिंसा से दूर होकर मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति को भी पुलिस रणनीति का हिस्सा बनाया गया। ‘लोन वरटू’ जैसे अभियानों के जरिए पूर्व नक्सलियों को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए गए। इस पहल का उद्देश्य प्रभावित युवाओं और लोगों को हिंसा से बाहर निकालकर सामान्य जीवन और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर देना रहा।

अब बलौदाबाजार में नई चुनौती

दंतेवाड़ा में करीब तीन वर्ष तक पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालने के बाद जुलाई 2026 में हुए पुलिस विभाग के फेरबदल में गौरव राय को बलौदाबाजार-भाटापारा का SP बनाया गया। बलौदाबाजार में उनकी भूमिका दंतेवाड़ा से अलग तरह की है। यहां शहरी और ग्रामीण अपराध, साइबर अपराध, यातायात व्यवस्था, अवैध शराब और कानून-व्यवस्था जैसे विषय पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती हैं।

तकनीक के इस्तेमाल पर भी फोकस

गौरव राय की कार्यशैली में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CCTV नेटवर्क तथा AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, घटनाओं के विश्लेषण और पुलिस जांच को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

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