ब्रेक फेल होने से पलटी थी बस, छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे मारे गए सभी नौ लोग; 82 घायल

बिगुल
झारखंड के लातेहार में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। महुआडांड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत सस्ता ओरसा घाटी में एक निजी बस के ब्रेक फेल हो गए। अनियंत्रित होकर बस सड़क किनारे पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 82 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।
ब्रेक फेल होने से घाटी में पलटी बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस सस्ता ओरसा घाटी से गुजर रही थी। तेज ढलान पर अचानक बस के ब्रेक फेल हो जाने से चालक नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई। यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, कई यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और कुछ बस के नीचे दब गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले सभी मृतक
दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार गंभीर रूप से घायल यात्रियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान रेशांती देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोहामती देवी (45), सुखवा भुइयां (40) और विजय बसंत (32) के रूप में हुई है। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के महाराजगंज गांव से महुआडांड़ के लोध गांव एक पारंपरिक “छेका” कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।
दुर्घटनाग्रस्त वाहन एक स्कूल बस थी, जिसकी क्षमता 52 यात्रियों की थी, लेकिन उसमें 90 से अधिक लोग सवार थे। स्कूल बस का निजी कार्यक्रम में उपयोग करना मोटर वाहन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। ओवरलोडिंग के कारण बस का संतुलन बिगड़ा और ब्रेक फेल होने से हादसा और भी भयावह हो गया।
घायलों को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ और आशा कामलेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद 52 से अधिक गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची, लातेहार और गुमला के अस्पतालों में रेफर किया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गए हैं।
पुलिस ने बस जब्त कर चालक, बस मालिक व आयोजकों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। यह भी सामने आया है कि बस चार थाना क्षेत्रों से गुजरी, लेकिन कहीं भी उसकी जांच नहीं हुई, जिससे पुलिस और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।



