अंबिकापुर-कटघोरा फोरलेन परियोजना में बदलाव, टीएस सिंहदेव ने गडकरी का जताया आभार

बिगुल
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस सिंहदेव के सुझाव पर केंद्रीय सड़क मंत्री ने महत्वपूर्ण बदलाव मंजूर किए हैं। अब परियोजना में लखनपुर शहर के लिए बायपास और लेमरू हाथी प्रोजेक्ट क्षेत्र में एनिमल अंडरपास व बैरिकेडिंग का प्रावधान जोड़ दिया गया है। सिंहदेव ने 8 मार्च को गडकरी को पत्र लिखा था।
अंबिकापुर–कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग-130 को फोरलेन में विकसित करने की योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब इस परियोजना में लखनपुर नगर के लिए बायपास का प्रावधान जोड़ा जाएगा। साथ ही लेमरू हाथी प्रोजेक्ट क्षेत्र में वन्यजीव अनुकूल सड़क निर्माण भी होगा।
यह निर्णय पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस सिंहदेव द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भेजे गए सुझावों के बाद लिया गया है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में उन्नत करने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी थी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह मार्ग सरगुजा, सूरजपुर और कोरबा जिलों के वन क्षेत्रों से होकर गुजरता है।
इसमें लेमरू हाथी प्रोजेक्ट का संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल है। लखनपुर नगर में बायपास नहीं होने से भारी यातायात शहर के भीतर से गुजरता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। सिंहदेव ने 8 मार्च को केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर यह सुझाव दिया था।
सिंहदेव ने लेमरू क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के अनुरूप सड़क निर्माण का सुझाव दिया था। उन्होंने भारतमाला परियोजना के मानकों के तहत एनिमल बैरिकेडिंग की बात कही थी। पर्याप्त संख्या में अंडरपास निर्माण का भी सुझाव दिया गया था। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने इन सुझावों को गंभीरता से लिया है। विभाग ने 20 अप्रैल को डीपीआर तैयार कर रही एजेंसी को निर्देश दिए। एजेंसी को आवश्यक संशोधन कर नई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को भी इस संबंध में सूचित किया गया है। सिंहदेव ने इस पहल के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।



