सचिन तेंदुलकर बस्तर पहुंचे, खेल को बढ़ावा देने पर दिया जोर, बोले-खेलों से टीम भावना और अनुशासन होता है विकसित

बिगुल
क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने मां दंतेश्वरी विमानतल पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बच्चों के लिए खेलकूद को बढ़ावा देने पर जोर दिया। तेंदुलकर ने 50 खेल मैदानों के माध्यम से 5 हजार बच्चों को लाभ पहुंचाने की योजना साझा की।
महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने मां दंतेश्वरी विमानतल पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बच्चों के लिए खेलकूद को बढ़ावा देने पर जोर दिया। तेंदुलकर ने 50 खेल मैदानों के माध्यम से 5 हजार बच्चों को लाभ पहुंचाने की योजना साझा की।
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि इन मैदानों से बड़ी संख्या में बच्चों को खेल का अवसर मिलेगा। वे स्वयं इन मैदानों का निरीक्षण करेंगे और बच्चों के साथ खेलेंगे भी। उनका मानना है कि बच्चों को शारीरिक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। उन्होंने खो-खो, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे पारंपरिक खेलों की सराहना की। तेंदुलकर ने कहा कि ये खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत अच्छे हैं। इन खेलों से बच्चों में टीम भावना और अनुशासन विकसित होता है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इन खेलों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
खेल मैदानों का महत्व
इन 50 खेल मैदानों का निर्माण बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद करेगा। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को समान अवसर मिलेंगे। खेल मैदान बच्चों को मोबाइल और गैजेट्स से दूर रखेंगे। यह पहल बच्चों में खेल प्रतिभा को निखारने में सहायक होगी।
पारंपरिक खेलों को बढ़ावा
सचिन तेंदुलकर ने खो-खो, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेलों को बहुत अच्छा बताया। उनका मानना है कि ये खेल हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं। इन खेलों को बढ़ावा देने से बच्चों में अपनी जड़ों से जुड़ाव बढ़ेगा। यह पहल बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से सक्रिय बनाएगी।



