अंबिकापुर की जर्जर सड़कों पर भड़कीं महापौर, 15 दिन में काम नहीं शुरू हुआ तो दी आंदोलन की चेतावनी

बिगुल
अंबिकापुर शहर की बदहाल सड़कों को लेकर अब नगर निगम और नेशनल हाईवे विभाग के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है. शहर की सड़कों की खराब हालत से नाराज महापौर मंजूषा भगत ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर सड़कों की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगी. उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें विकास और सुविधाओं के लिए चुना है, इसलिए शहर की सड़कों को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है.
बारिश के बाद बिगड़ी शहर की सड़कें
शहर की कई मुख्य सड़कें नेशनल हाईवे के अधीन आती हैं, जिनमें देवीगंज रोड, सदर रोड, स्कूल रोड और बिलासपुर रोड शामिल हैं. बारिश के बाद इन सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. कुछ जगहों पर पेंच रिपेयरिंग का काम कराया गया था, लेकिन थोड़े ही समय में सड़क फिर उखड़ गई. खासकर स्कूल रोड पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
जनता की नाराजगी से बढ़ा दबाव
सड़कों की बदहाली का असर सीधे नगर निगम की छवि पर पड़ रहा है. ट्रिपल इंजन सरकार के नाम पर विकास के बड़े दावे करने वाली भाजपा की महापौर को अब जनता के सवालों और नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है. लगातार बढ़ते जनाक्रोश के बीच महापौर ने नेशनल हाईवे अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है.
अधिकारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप
महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि सांसद चिंतामणि महाराज और मंत्री राजेश अग्रवाल भी कई बार अधिकारियों से चर्चा कर चुके हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे. उन्होंने बताया कि पेंच रिपेयरिंग का टेंडर पहले ही हो चुका है, इसके बावजूद काम शुरू नहीं किया गया है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो वे सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी.
जिम्मेदारी से नहीं बच सकते
उन्होंने यह भी कहा कि जनता नगर निगम को टैक्स देती है और शहर की सुविधाओं के लिए जवाबदेही भी नगर निगम की बनती है. सिर्फ यह कहकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता कि सड़कें नेशनल हाईवे के अधीन हैं.
44.82 करोड़ की योजना अब तक अधूरी
इधर नेशनल हाईवे-43 पर लुचकी घाट से रेलवे स्टेशन तक वन टाइम इम्प्रूवमेंट योजना के तहत करीब 44.82 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है. इस परियोजना में रेलवे स्टेशन से गांधी चौक होते हुए देवीगंज रोड और सदर रोड से खरसिया चौक तक नई सड़क निर्माण का प्रस्ताव है. वहीं खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक सीसी रोड बनाई जानी है.
काम शुरू नहीं होने से बढ़ रही नाराजगी
हालांकि इतनी बड़ी राशि स्वीकृत होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. फिलहाल कुछ हिस्सों में केवल अस्थायी मरम्मत कर खानापूर्ति की गई है. योजना पूरी होने के बाद इन सड़कों को नगर निगम के हवाले किया जाना है, लेकिन काम की धीमी रफ्तार से लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है.



