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छत्तीसगढ़ के जंगल में फिर दिखा दुर्लभ सफेद ‘एल्बिनो’ भालू, पेंड्रा में दहशत, वन विभाग भी अलर्ट

बिगुल
छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही ज़िले के आमादांड गांव के जंगलों में दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू देखने को मिला है. काले भालुओं के बीच दिखे सफेद भालू ने सबको हैरान कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ इसके हमले ने इलाके के लोगों को डर को साए में जीने को मजबूर कर दिया है.

सफेद भालू ने ग्रामीणों पर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, आमादांड क्षेत्र के स्कूल के सामने रहने वाले कैलाश कुमार कासीपुरी पर भालू ने हमला कर दिया, जब वह सुबह शौच के लिए बाहर निकले थे. भालू के हमले से कैलाश के बाएं हाथ में गंभीर चोट आई है. भालू ने कुछ अन्य ग्रामीणों को भी दौड़ाया, जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और डिप्टी रेंजर बंजारा मौके पर पहुंचे. वन कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और घायल कैलाश को तत्काल उपचार के लिए पेंड्रा अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है.

क्या होता है एल्बिनो भालू?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई अलग प्रजाति नहीं है, बल्कि जीन परिवर्तन के कारण भालू के शरीर में रंगद्रव्य (पिगमेंट) की कमी हो जाती है, जिससे उसका रंग काले की जगह पूरी तरह सफेद दिखाई देता है.
इस स्थिति को विज्ञान की भाषा में एल्बिनिज्म कहा जाता है. ऐसे वन्यजीव बेहद दुर्लभ होते हैं और इनके दिखने की घटनाएं बहुत कम सामने आती हैं.

घटना को लेकर ग्रमीणों में आक्रोश
इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है. ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और लगातार लगने वाली आग के कारण वन्य जीव अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर आबादी वाले क्षेत्रों में आने को मजबूर हो रहे हैं. उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही और कमजोर निगरानी व्यवस्था का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने प्रशासन से जंगलों की आग पर तत्काल नियंत्रण पाने, वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रिहायशी इलाकों में गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

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