बालोद सदर बाजार में प्रशासन का बुलडोजर चला, अतिक्रमण हटाए, बाजार छावनी में तब्दील

बिगुल
बालोद जिला मुख्यालय के सबसे प्रमुख और सबसे पुराने व्यावसायिक क्षेत्र सदर बाजार में आज सुबह से प्रशासन का बड़ा बुलडोजर चल रहा है। सुबह तड़के 6 बजे से पुलिस और प्रशासनिक अमले ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, जो अब तक लगातार जारी है। मौके पर अपर कलेक्टर, एसडीएम और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी खुद मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात है।
आपातकालीन स्थितियों को भांपकर तैयार हुआ प्लान
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे में यह बात सामने आई थी कि यह मुख्य मार्ग लगभग 40 मीटर चौड़ा है, लेकिन रसूखदारों और दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण यह बेहद सिमट चुका था। स्थिति यह थी कि यदि बाजार में कोई आपातकालीन स्थिति (जैसे आगजनी या मेडिकल इमरजेंसी) निर्मित हो जाए, तो दमकल या एम्बुलेंस जैसी गाड़ियों का पहुंचना नामुमकिन था। इस गंभीर खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही व्यापारियों के साथ बैठक कर सामंजस्य बनाने की कोशिश की थी।
छावनी में तब्दील हुआ शहर, चेतावनी को हल्के में लेना पड़ा भारी
सदर बाजार को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। हालांकि, प्रशासन द्वारा व्यापारियों को अपनी दुकानों से सामान सुरक्षित निकाल लेने की मुनादी और चेतावनी पहले ही दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई दुकानदारों ने इस चेतावनी को हल्के में लिया। आज सुबह जब बुलडोजर चला, तो कई दुकानों के भीतर सामान भरा हुआ था, जिसके कारण व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। गौरतलब है कि शुरुआती चरण में प्रशासन ने 24 बड़े दुकानदारों को नोटिस जारी किया था, जिसके विरोध में कुछ व्यापारी कोर्ट की शरण में भी गए थे, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।



