न्याय के लिए पानी टंकी पर चढ़ा युवक, पुलिस पर मारपीट और जबरन वसूली का आरोप

बिगुल
हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर ने थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस पर सिरली के पास पकड़कर थाने ले जाने, बेरहमी से मारपीट करने और 23,500 रुपये जबरन लेने का आरोप लगाया है। इन आरोपों के बाद रफीक मोहम्मद 11 जून गुरुवार सुबह ग्राम नेवसा की पानी टंकी पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी दे रहा है।
तेज बारिश के बावजूद वह टंकी से उतरने को तैयार नहीं है। रफीक और दीपेश का कहना है कि उन्हें बिना वजह पकड़ा गया था। आरोप है कि जुआ खेलाने का कहकर लाठी-डंडे और बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। इसके बाद दीपका ले जाकर उनसे एक झूठा बयान लिखवाया गया। बयान में भागते हुए गिर जाने की बात जबरन लिखवाई गई।
रफीक ने यह भी कहा कि उनसे 23,500 रुपये ले लिए गए। दोनों ने इंसाफ नहीं मिलने पर आत्महत्या की बात कही थी। इसी के चलते रफीक पानी टंकी पर चढ़ा और इंसाफ की मांग कर रहा है। बताया जा रहा है कि वह टंकी पर पेट्रोल भी ले गया है।
थाना प्रभारी का खंडन
थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि दोनों युवक क्षेत्र में जुआ फड़ चलाते हैं। सूचना मिलने पर उन्हें पकड़ा गया था। उनके खिलाफ धारा 151 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
ग्रामीणों का विरोध
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस जबरन घरों में घुसकर लोगों को थाने ले जा रही है। उन्होंने अनवर अली नामक युवक का उदाहरण दिया, जिसकी पत्नी के अनुसार वह चार दिनों से घर नहीं आया है। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। सूचना मिलते ही नया तहसीलदार विमल खांडेकर और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों के माध्यम से रफीक को समझाकर नीचे उतारने का प्रयास किया जा रहा है।



