सैप्टिक टैंक की जहरीली गैस ने 2 सगे भाइयों को सुलाई मौत की नींद, तीसरा शख्स अस्पताल में भर्ती

बिगुल
मध्य प्रदेश के बैतूल में सैप्टिक टैंक के निर्माण के दौरान जहरीली गैस का रिसाव होने के चलते 2 सगे भाइयों की मौत हो गई। जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा बैतूल जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर मुलताई थाना क्षेत्र के परमंडल गांव के भगत सिंह वार्ड में हुआ। जिसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में काम करने के दौरान गई जान
दरअसल, मुलताई में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में कुछ मजदूर काम कर रहे थे। इस दौरान जहरीली गैस के चपेट में आने की वजह से पहले संजय पंवार की मौत हो गई। जब अंदर से काफी देर तक कोई आवाज नहीं आई तो मृतक का भाई विजय पंवार भी नीचे उतरा और जहरीली गैस की चपेट में आ गया। जिसकी वजह से मौके पर दोनों की मौत हो गई।
गैस की चपेट में आकर एक मजदूर हुआ बेहोश
काफी देर तक जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो दोनों भाइयों को देखने के लिए मजदूर मुकेश परिहार भी टैंक में नीचे उतरा और दोनों को अचेत देख शोर मचाने लगा। आवाज सुन मौके पर अन्य मजदूर भी पहुंचे। लेकिन तब तक मुकेश भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
एक माह बाद खोला गया था टैंक
स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माणाधीन सैप्टिक टैंक को करीब एक माह बाद खोला गया था. लंबे समय तक बंद रहने के कारण उसमें जहरीली गैस जमा हो गई थी. आशंका है कि इसी गैस के कारण दम घुटने से दोनों भाइयों की मौत हुई होगी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल के अधिकारी गजेंद्र मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।



