ब्रेकिंग : बिल्डर सुबोध सिंघानिया का दावा, ‘हम रेरा के आदेश का पालन करेंगे, हर्षित नियोज सिटी, हाउसिंग सोसायटी को होगी हस्तांतरित, कालोनीवासियों में नहीं बन पा रही थी सहमति’

बिगुल
छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) से मिले नए आदेश के बाद हर्षित नियोज सिटी के प्रमोटर सुबोध सिंघानिया ने स्पष्ट कर दिया है कि नई कालोनी सहकारी आवासीय सोसायटी को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
इस संवाददाता से बातचीत करते हुए बिल्डर सुबोध सिंघानिया ने दावा किया कि हमने जितनी भी नई आवासीय कॉलोनी डेवलप की हैं, उन सभी को हाउसिंग सोसाइटीज में हस्तांतरित कर दिया गया है जहां तक हर्षित न्यूज़ सिटी का सवाल है, यहां निवासरत लोगों में ही सहमति नहीं बन पा रही थी और इसके लिए जो नियम और प्रक्रियाएं होनी चाहिए, उसे भी पूरा नहीं किया जा सका था जिसके लिए प्रक्रिया में देरी हो रही थी लेकिन रेरा के ताजा आदेश के बाद हम जल्द ही हाउसिंग सोसायटी को ट्रांसफर कर देंगे।
श्री सिंघानिया ने कहा कि हमारी कंपनी ग्राहकों के हित को सर्वोपरि मानती है इसलिए हमारे जितने भी प्रोजेक्ट हुए, उसमें कभी कोई विवाद इस तरह का खड़ा नहीं हुआ, लेकिन यह पहला मामला था।
जानते चलें कि आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ पी चौधरी के हस्तक्षेप के बाद रेरा ने गृह क्रेताओं (होम बायर्स) के हितों की रक्षा में एक बड़ा कदम उठाया है। रेरा ने दुर्ग जिले के ग्राम अमलेश्वर में स्थित पंजीकृत आवासीय परियोजना ‘हर्षित नियोज सिटी’ से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में निवासियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने परियोजना के प्रमोटर को सिंकिंग फंड की पूरी राशि और कॉमन एरिया का प्रबंधन तत्काल प्रभाव से सहकारी आवासीय सोसायटी को हस्तांतरित करने का सख्त निर्देश दिया है।
इस आदेश के बाद हर्षित नियोज सिटी के निवासियों और उनकी सहकारी समिति को लंबे समय से रहे विवाद से बड़ी राहत मिली है।



