नई शराब दुकान खोलने पहुंची आबकारी टीम को महिलाओं ने घेरा! सड़क पर धरना, समर्थन में उतरे पूर्व मंत्री

बिगुल
छत्तीसगढ़ के कोरबा में रामपुर की शराब दुकान को बरबसपुर मुख्य मार्ग पर शिफ्ट करने की तैयारी का स्थानीय महिलाओं ने जोरदार विरोध किया। आबकारी विभाग की टीम को निरीक्षण के दौरान प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने चेतावनी दी कि क्षेत्र में शराब दुकान किसी भी कीमत पर नहीं खुलने दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रामपुर स्थित देसी शराब दुकान को बरबसपुर मुख्य मार्ग पर शिफ्ट करने की आबकारी विभाग की तैयारी का स्थानीय लोगों ने तीखा विरोध किया। शुक्रवार को निरीक्षण के लिए पहुंची आबकारी विभाग की टीम को बड़ी संख्या में महिलाओं के प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। विरोध के चलते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
निरीक्षण की सूचना मिलते ही सड़क पर उतरीं महिलाएं
जानकारी के अनुसार, रामपुर की वर्तमान शराब दुकान को पहले अस्थायी और बाद में स्थायी रूप से बरबसपुर मुख्य मार्ग पर संचालित करने की योजना बनाई जा रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि क्षेत्र में नई शराब दुकान किसी भी कीमत पर नहीं खुलने दी जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने दिया समर्थन
महिलाओं के प्रदर्शन को समर्थन देने पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि शराब दुकान खुलने से क्षेत्र का माहौल खराब होगा और स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि रामपुर की शराब दुकान को हटाने की मांग लंबे समय से उठती रही है और प्रशासन को जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
प्रशासन ने दिया समीक्षा का भरोसा
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। स्थानीय महिला गायत्री मिरी ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग बिना लोगों को जानकारी दिए निरीक्षण करने पहुंचा था। उनका कहना है कि शराब दुकान खुलने से महिलाओं, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और आसपास के माहौल पर नकारात्मक असर पड़ेगा। फिलहाल रामपुर की शराब दुकान अपने पुराने स्थान पर ही संचालित हो रही है। प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। आबकारी विभाग का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संबंधित अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका।



