महानदी में उफान से बाढ़ जैसे हालात! कई गांवों में अलर्ट, मकान खाली कराने लगी प्रशासन की टीम

बिगुल
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ समेत कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद महानदी और मांड नदी उफान पर हैं। गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने पांच गांवों के लोगों को मकान खाली करने की सलाह दी है, जबकि खेत और मंदिर परिसर भी पानी में डूबने लगे हैं।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद महानदी और आसपास की नदियां उफान पर हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।
हर घंटे बढ़ रहा नदी का जलस्तर
ग्रामीणों के अनुसार, महानदी का जलस्तर बुधवार शाम से लगातार बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि शाम करीब चार बजे से नदी का पानी हर घंटे लगभग चार फीट तक बढ़ रहा था और गुरुवार सुबह भी यही स्थिति बनी रही। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण महानदी और मांड नदी दोनों उफान पर हैं, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
गंगरेल बांध से पानी छोड़ने के बाद बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद सूरजगढ़, नदीगांव, तोरा, पोरथ, पड़ीगांव, लिप्ती, चंगोरी, सिंघपुरी, बाराडोली, परसापाली, खपरापाली और रायपाली समेत कई गांवों तक महानदी का पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन की टीम ने अब तक पांच गांवों के लोगों को मकान खाली करने की सलाह दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
खेत डूबे, मंदिर परिसर में भी भरा पानी
बढ़ते जलस्तर का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। कई किसानों के खेत पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, जिससे फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। वहीं, पोरथ धाम मंदिर परिसर में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है और पूरा परिसर जलमग्न होने की कगार पर पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।



