बलरामपुर में हाथी दांत तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, झारखंड से लाए गए तीन दांत बरामद; तीन आरोपी गिरफ्तार

बिगुल
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग ने अंतरराज्यीय हाथी दांत तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए झारखंड से लाए गए हाथी के जबड़े के तीन दांत बरामद किए हैं।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन विभाग ने अंतरराज्यीय हाथी दांत तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए झारखंड से लाए गए हाथी के जबड़े के तीन दांत बरामद किए हैं। साथ ही इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार को रामानुजगंज में कनहर नदी के पास स्थित एक लॉज के कमरे में छापेमारी की गई। सूचना थी कि वहां तीन लोग वन्यजीव अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त के लिए एकत्र हुए हैं।
छापेमारी के दौरान टीम ने एक बैग से हाथी के जबड़े के तीन दांत बरामद किए और मौके से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के पलामू जिले के निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा (42) तथा बलरामपुर जिले के रामानुजगंज निवासी अजय कुमार गुप्ता (49) और सतेंद्र कुमार रजक (50) के रूप में हुई है।
मामला दर्ज
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संतोष कुमार विश्वकर्मा हाथी के दांत झारखंड से बेचने के लिए बलरामपुर लेकर आया था। हालांकि, ये दांत किस हाथी से प्राप्त किए गए और इनका वास्तविक स्रोत क्या है, इसका अभी पता नहीं चल सका है।
वन विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस तस्करी गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हाल के दिनों में बढ़े वन्यजीव तस्करी के मामले
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं।
28 जुलाई को सूरजपुर जिले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बाघ की एक खाल और 4-5 किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क (स्केल्स) बरामद किए गए थे।
हाल ही में संपन्न छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य सरकार ने बताया था कि 2024 से अब तक बाघों के शिकार या तस्करी के पांच मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में छह बाघों की खाल बरामद की गई और 41 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।



