IAS अमित कटारिया विशेषाधिकार हनन में फंसे, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने की शिकायत

बिगुल
छत्तीसगढ़ कैडर 2004 बैच के आईएएस अधिकारी और प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया विशेषाधिकार हनन के मामले में फंस गए हैं. रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष से इसकी शिकायत की है. सांसद ने आईएएस अफसर पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है.
छत्तीसगढ़ कैडर के इस दबंग अफसर के खिलाफ रायपुर से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन की लिखित शिकायत भेजी है.
सांसद अग्रवाल ने क्या लगाए आरोप
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और अमर्यादित रवैये का बेहद गंभीर आरोप लगाया है. लोकसभा सचिवालय को भेजी गई विशेषाधिकार हनन की शिकायत के अनुसार, आईएएस अमित कटारिया ने सांसद द्वारा जनहित से जुड़े मुद्दों, पत्रों और बार-बार भेजे गए स्मरण पत्रों का महीनों तक कोई जवाब नहीं दिया.
उनके प्रति अफसर का रवैया गैरजिम्मेदाराना और अपमानजनक था. आईएएस अमित कटारिया ने उसने कहा कि “जो करना है कर लो”. सांसद ने इस पूरे वाकये को भारतीय संविधान के अनुच्छेद-105 के तहत मिले विशेषाधिकारों का हनन बताया है.
1 रुपए की सैलरी और ‘सबसे अमीर आईएएस’ की पहचान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईएएस अमित कटारिया की कुल संपत्ति ₹8.90 करोड़ के आसपास है, जो मुख्य रूप से उनके पारिवारिक रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी है. इसी वजह से वे देश के सबसे अमीर सेवारत आईएएस अधिकारियों में शामिल हैं. उनके करियर की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपने शुरुआती कार्यकाल में महज 1 रुपए महीने की सैलरी पर काम किया था.
श्री कटारिया करीब 7 साल तक केंद्र सरकार में सेवाएं दीं. वे भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर करीब 3 वर्ष 4 महीने तक कार्यरत रहे. दिसंबर 2024 में केंद्र से वापसी के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ शासन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई.



