तेलंगाना

मिनीमाता बांगो बांध मार्ग की बदहाली पर बवाल, कीचड़ से भरी सड़क पर धरने पर बैठे पांच गांवों के लोग

बिगुल
जिले के मिनीमाता बांगो बांध मार्ग की खराब हालत को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा आखिर फूट पड़ा। भारी बारिश के बीच पांच गांवों के ग्रामीणों ने कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 10 साल से इस मार्ग की हालत खराब है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो रहे हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और राहगीरों को होती है। खराब सड़क के कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं और कई लोग इससे घायल भी हुए हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की मरम्मत के नाम पर प्रशासन केवल गड्ढों में मिट्टी डालकर खानापूर्ति करता है। बारिश होते ही यह मिट्टी बह जाती है और सड़क दोबारा उसी स्थिति में पहुंच जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र का प्रमुख मार्ग है और कई पंचायतों के गांव इसी सड़क से जुड़े हैं। मिनीमाता बांगो बांध एक पर्यटन स्थल भी है, जिसके कारण दूसरे जिलों और राज्यों से पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बदहाल सड़क के कारण स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है और इससे जिले की छवि प्रभावित हो रही है।

प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर जनपद सदस्य आयुष सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से सड़क की स्थिति खराब है। सरकार चाहे किसी भी दल की रही हो लेकिन सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। जिला प्रशासन और राज्य सरकार को कई बार पत्राचार के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।

ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि मजबूर होकर उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण या मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो वे चक्काजाम कर उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल जनपद सदस्य के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर वे दोबारा आंदोलन करेंगे।

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