ब्रेकिंग : महंत राम सुंदर दास तथा जैतूसाव मठ के ट्रस्टियों पर आर्थिक अपराध एवं धोखाधड़ी करने की शिकायत पुलिस में पहुंची, सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पेंद्र उपाध्याय ने उठाया मामला, FIR दर्ज करने की मांग

बिगुल
राजधानी के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में अनावश्यक अवैध कब्जा करने के प्रयास को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक महंत राम सुंदर दास तथा पूर्व विधायक सत्यनारायण शर्मा और अन्य के खिलाफ की शिकायत जिलाधीश से की गई है तथा इसकी जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने एवं पुलिस अधीक्षक को न्यास की संपत्ति में होने वाली धोखाधड़ी की FIR दर्ज कराने की मांग की गई है।
लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महंत रामसुंदर दास तथा पूर्व विधायक सत्यनारायण शर्मा एवं अन्य के द्वारा अनाधिकृत रूप से जैतुसाव मठ की जमीन के संबंध में दुरभि संधि कर आपस में एक राय होकर आर्थिक अपराध एवं धोखाधड़ी करने के कृत्य को अंजाम दिया गया है।
श्रीराम मंदिर प्रबंधन टीम से जुड़े सनातनी कार्यकर्ता और शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र उपाध्याय ने जिलाधीश को दी शिकायत में कहा है कि श्री रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ पंजीयन क्रमांक 39 में वर्तमान में न्यासियों स्थिति पंजीयक सार्वजनिक न्यास की पंजी रजिस्टर में स्पष्ट है।मंदिर की समस्त भूमि पर कुछ अवैध लोगों का विधि विरुद्ध अनधिकृत कब्जा है जैसे महंत रामसुंदर दास गुरु महंत वैष्णव दास, सत्यनारायण शर्मा पिता जगदीश प्रसाद शर्मा, जगन्नाथ पिता स्व. त्रिपति अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल पिता अलख नारायण अग्रवाल ग्रवाल, सीताराम अग्रवाल पिता रामकुमार अग्रवाल, रमेश यद पिता कोर्तिकराम यदु।
श्री उपाध्याय ने बताया कि ये सभी वर्तमान में न्यास के ट्रस्टी नहीं हैं लेकिन जैतूसाव मठ सार्वजनिक न्यास की समस्त संपत्ति का अवैध रूप से ये सभी उपयोग एवं उपभोग कर रहे हैं।ये सबही लोग बाकायदा न्यास के नाम से लैटर पेड में अपना नाम छापकर न्यास की संपत्ति की चोरी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजीयक सार्वजनिक न्यास रायपुर के द्वारा दिनांक 25/06/2024 को इन सभी नामों को ट्रस्टी बनाने हेतु विज्ञापन प्रकाशित करा था जिसे पंजीयक सार्वजनिक न्यास द्वारा प्रकरण क्रमांक 202406111000469/व वर्ष 2023 2024 आदेश दिनांक 02/05/2025 को ख़ारिज कर दिया गया है। लेकिन इन्होने आवेदन देते ही निर्णय का इंतज़ार किये बिना स्वयं को ट्रस्टी मानकर कार्य करना शुरू कर दिया। हद तो यह हो गई की आर्थिक लेनदेन भी शुरू कर दिया। इनके द्वारा दिनांक 18/09/2024 को एक प्रिंटेड लैटर पेड में इन सभी के नाम हैं और ये सभी धोखाधडी करते हुए विधि विरुद्ध तरीके से एक पजीकृत न्यास की सम्पति की चोरी कर रहे हैं। इस दावे के संबंध में छायाप्रति संलग्न की गई है।
श्री उपाध्याय ने बताया कि गुजरे 22/10/2024 को अवैध रूप से न्यास की बैठक भी कर ली जिसमें न्यास की दतरेंगा स्थित 17 एकड़ जमीन के सबंध में एक प्रस्ताव पास किया और बिना अधिकार के 6200000 रूपये अक्षरी बासंठ लाख रूपये न्यास के नाम से प्राप्त कर लिए है। यह बहुत गंभीर मामला है न्यासी महेंद्र अग्रवाल एवं अजय तिवारी जो की ट्रस्टी हैं इनकी भी मिलीभगत इन सब कार्यों में हैं। अतः पुलिस अधीक्षक न्यास की संपत्ति को होने वाले नुक्सान से बचाएं। साथ ही न्यास की संपत्ति में होने वाली धोखाधड़ी की FIR दर्ज कराने की मांग की गई है।
इस पूरे विवाद में भाजपा से जुड़े एक युवा नेता की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं जिसने श्री राम मंदिर विवाद में आग में घी डालने का काम किया है। इस भाजपा नेता को एक मंत्री का संरक्षण मिलने से संगठन के वरिष्ठ लोग नाराज हैं।



