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पीएम श्री स्कूल में डिजिटल शिक्षा का कमाल, 7 स्मार्ट क्लास से पढ़ाई हुई आसान

बिगुल

अब स्कूलों में पढ़ाई का तरीका तेजी से बदल रहा है। ब्लैकबोर्ड और किताबों के साथ-साथ डिजिटल स्क्रीन, वीडियो और थ्री-डी एनिमेशन भी शिक्षा का हिस्सा बन रहे हैं। आधुनिक तकनीक के जरिए बच्चों को कठिन विषयों को सरलता से समझाने की यह पहल छत्तीसगढ़ के स्कूलों में भी देखने को मिल रही है। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित पीएम श्री आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल इसका एक उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां सात स्मार्ट क्लासेस के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक आधारित शिक्षा दी जा रही है।

वीडियो और थ्री-डी एनिमेशन से आसान हो रही पढ़ाई
इस स्कूल में प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट की मदद से विज्ञान, गणित सहित विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। जिन पाठों को समझने में विद्यार्थियों को पहले परेशानी होती थी, अब उन्हें तस्वीरों, वीडियो और थ्री-डी विजुअल के जरिए समझाया जाता है।

डिजिटल स्क्रीन पर विषयों को देखकर बच्चे न सिर्फ जानकारी हासिल कर रहे हैं, बल्कि उनके पीछे की अवधारणाओं को भी बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं। इससे कक्षा में उनकी दिलचस्पी बढ़ रही है और पढ़ाई पहले की तुलना में अधिक रोचक बन रही है।

विद्यार्थियों को मिल रहा सीखने का नया अनुभव
स्मार्ट क्लास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां बच्चों को केवल सुनकर या पढ़कर सीखने के बजाय चीजों को देखकर समझने का अवसर मिलता है। उदाहरण के तौर पर विज्ञान के जटिल सिद्धांतों और गणित की प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है।

विद्यार्थियों का कहना है कि स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली तस्वीरें और वीडियो विषयों को जल्दी समझने में मदद करते हैं। इससे पढ़ाई के दौरान एकाग्रता बनी रहती है और कठिन पाठ भी आसानी से याद हो जाते हैं।

डिजिटल शिक्षा ने शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को भी आसान बनाया है। अब किसी विषय को समझाने के लिए केवल ब्लैकबोर्ड पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। शिक्षक डिजिटल प्रेजेंटेशन, ग्राफिक्स और वीडियो के जरिए विषयों को उदाहरणों के साथ प्रस्तुत कर सकते हैं।

इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में शामिल करना और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना आसान हो रहा है। शिक्षकों के मुताबिक, स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाए गए विषयों को बच्चे अधिक रुचि के साथ समझते हैं।

वर्ष 2021 से संचालित हैं सात स्मार्ट क्लासेस
स्कूल के प्राचार्य जागेश्वर चंदेल के अनुसार, डोंगरगढ़ के पीएम श्री आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में वर्ष 2021 से सात स्मार्ट क्लासेस संचालित की जा रही हैं। इनमें चार कक्षाएं हायर सेकेंडरी स्तर की, दो प्राथमिक स्तर की और एक सेकेंडरी स्तर की है।

इन कक्षाओं के जरिए अलग-अलग आयु और शैक्षणिक स्तर के विद्यार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार डिजिटल माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। स्कूल में तकनीक के इस्तेमाल से पारंपरिक पढ़ाई को नए स्वरूप में ढालने का प्रयास किया जा रहा है।

डिजिटल शिक्षा से मजबूत हो रही भविष्य की नींव
डोंगरगढ़ के इस स्कूल की स्मार्ट क्लासेस बताती हैं कि तकनीक का सही इस्तेमाल शिक्षा को अधिक सरल, रोचक और प्रभावी बना सकता है। किताबों के ज्ञान के साथ डिजिटल माध्यम जुड़ने से विद्यार्थियों को विषयों को समझने के नए अवसर मिल रहे हैं।

बदलते शैक्षणिक दौर में ऐसी पहल बच्चों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने के साथ उनकी सीखने की प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने में मददगार हो सकती है। उम्मीद है कि आने वाले समय में डिजिटल शिक्षा का दायरा और बढ़ेगा और स्कूलों में पढ़ाई के नए तरीके विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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