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आठ महीने की मेहनत लाई रंग, आरंग के सूर्यांश शर्मा का इंडिगो कैडेट पायलट प्रोग्राम में चयन

बिगुल
छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र के ग्राम दरबा के रहने वाले सूर्यांश शर्मा ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सूर्यांश का चयन देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो के कैडेट पायलट प्रोग्राम में हुआ है। उनकी सफलता की खास बात यह है कि पायलट ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने महज 22 घंटे में अकेले विमान उड़ाने यानी सोलो फ्लाइट की उपलब्धि हासिल कर ली। उनकी इस कामयाबी से परिवार सहित पूरे आरंग क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

आठ महीने की तैयारी के बाद हासिल किया मुकाम
सूर्यांश शर्मा, ग्राम दरबा निवासी सुशील शर्मा के पुत्र हैं। बचपन से पायलट बनने का सपना देखने वाले सूर्यांश ने इसे हकीकत में बदलने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने लगभग आठ महीने की तैयारी के दौरान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की आवश्यक परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पास किया।

परीक्षाओं में सफलता के बाद उन्होंने इंडिगो एयरलाइंस की चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। यहां इंटरव्यू सहित जरूरी चरणों को पूरा करने के बाद उनका चयन इंडिगो कैडेट पायलट प्रोग्राम के लिए हो गया। इस तरह उन्होंने अपने करियर को नई दिशा देने की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।

महज 22 घंटे की ट्रेनिंग में हासिल की सोलो फ्लाइट
सूर्यांश शर्मा की उपलब्धियों में सबसे खास उनका सोलो फ्लाइट रिकॉर्ड है। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने केवल 22 घंटे की उड़ान ट्रेनिंग के बाद अकेले विमान उड़ाने की अनुमति हासिल की।

विमानन क्षेत्र में सोलो फ्लाइट का विशेष महत्व होता है। इस दौरान प्रशिक्षु पायलट बिना प्रशिक्षक के विमान का संचालन करता है। सूर्यांश की इस उपलब्धि को उनके प्रशिक्षण और पायलट बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

नीमच में जारी है पायलट बनने की ट्रेनिंग
फिलहाल सूर्यांश शर्मा रायपुर के सुंदर नगर में रहते हैं और मध्य प्रदेश के नीमच स्थित ट्रेनिंग सेंटर में इंडिगो के कैडेट पायलट प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनका लक्ष्य विमानन क्षेत्र में अपना करियर बनाना है।नक्शे देखें

ग्राम दरबा से निकलकर पायलट बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे सूर्यांश की उपलब्धि ने स्थानीय युवाओं के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उनकी सफलता से परिवार, गांव और आरंग विधानसभा क्षेत्र के लोगों में उत्साह है।

सूर्यांश शर्मा ने अपनी मेहनत से यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं, तो बड़े से बड़ा सपना भी साकार किया जा सकता है।

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