डिप्टी सीएम ने किया देवरानी जेठानी पुल का निरीक्षण, ठेकेदार को फटकार; दिए ये निर्देश

बिगुल
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बालोद प्रवास के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 पर बन रहे देवरानी जेठानी पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता के संबंध में उपस्थित स्टाफ से विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पुल के ऊबड़-खाबड़ निर्माण पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
गुणवत्ता में सुधार के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान पाया कि पुल का निर्माण अपेक्षित चिकनाई के साथ नहीं हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुल को पूरी तरह से चिकना और समतल बनाया जाए, ताकि यातायात सुगम हो सके। इसके अतिरिक्त, पुल की ऊंचाई को सड़क के स्तर तक जोड़ने के लिए उपयोग किए जा रहे पदार्थ की गुणवत्ता में सुधार लाने और कार्य को सही ढंग से संपन्न करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने मार्ग को बंद किए जाने पर नए मार्ग को समतल करने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले समतलीकरण की आवश्यकता होगी।
ठेकेदार को फटकार, स्तरहीन काम पर जताई नाराजगी
इस निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी ग्राम पंचायत क्षेत्र के सरपंच राजेंद्र साहू से भी प्राप्त हुई। निरीक्षण के दौरान ठेकेदार के कर्मचारी, इंजीनियर और मुंशी भी मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री ने पुल के निर्माण में हो रहे जुदाई के काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए और उसे गुणवत्ता पूर्वक ढंग से करने के निर्देश दिए। स्तरहीन काम देखकर उन्होंने संबंधितों को फटकार भी लगाई।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पुल का निर्माण राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निरीक्षण क्षेत्र में चल रहे महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्य तय समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों के साथ पूरे हों।



