Blog

झलकियां: उप राष्ट्रपति धनखड़ ने चरणदास महंत, विष्णु देव साय, रमनसिंह, बृजमोहन अग्रवाल की दिल खोलकर तारीफ की, महंत ने पूछा लिया अजब सवाल !

वृक्षारोपण कर एकता का परिचय दिया
उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ कल विधानसभा में पहुंचे तो उनका स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, संसदीय कार्यमंत्री बृजमोहन अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा ने किया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह अस्वस्थ होने के कारण समारोह में उपस्थित नही हो सके. स्वागत की औपचारिकता के बाद श्री धनखड़ ने विधानसभा परिसर में वृक्षारोपण भी किया. उन्होंने पौधा रोपना चाहा तो सभी अतिथियों का हाथ पकड़ा और सबके साथ पौधा रोपा. धनखड़ ने डॉ. चरणदास महंत को राइटिस्ट कहकर संबोधित किया तो महंत आश्चर्य में पड़ गए.

सीएम अच्छे सर्जन साबित होंगे
विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा ने मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ और प्रतीक चिहन देकर स्वागत किया. इसके बाद उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समारोह को संबोधित करने मुख्य मंच पर आए तो बोले कि यह पहला कार्यक्रम है जिसमें मुझे 15 मिनट पहले बोलने का मौका मिला. छत्तीसगढ़ मेरी कर्मभूमि रही है क्योंकि मैं वकालत करता हूं और यहां हाईकोर्ट में कई बार आ चुका हूं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तारीफ करते हुए कहा कि एक मरीज पहली बार आपरेशन कराने पहुंचा तो डॉक्टर ने उसे धीरज देते हुए कहा कि घबराओ मत मैं भी पहला आपरशेन करने जा रहा हूं. श्री साय छत्तीसगढ़ के लिए अच्छे सर्जन साबित होंगे. वर्तमान नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत कभी विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं, सदन के नेता यानि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इससे बड़ी चुनौती नही हो सकती महंत उन्हें बहुत बड़ी चुनौती देंगे, लेकिन वह सकारात्मक और नियमसम्मत होगी.

महंत से राइट का रिश्ता
श्री धनखड ने कहा कि कौन राइट है, कौन लेफट है या कौन लेफट राइट करा रहा है, यह भी सोचता रहता हूं. जब मैं राज्यसभा का सभापति बना तो सदन के नेता खड़गे से मिला. उन्होंने कहा कि आप बार बार राइट में क्यों देखते हो, उधर तो सरकार बैठती है तो मैंने कहा कि मेरा दिल तो लेफट में है तो खड़गे ने बोला कि मुहब्बत हमसे और शादी उनसे. तो मैंने कहा कि आज चरणदास महंत से राइट का रिश्ता करेंगे, लेफट का नही. उम्मीद करता हूं कि महंत सरकार को राइट या लेफट नही करेंगे. पूरा सहयोग देंगे.

रमनसिंह का परिवार संस्कारित
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अस्वस्थ होने के कारण मंच पर मौजूद नही थे लेकिन उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि मुझे लगता है कि वे यहीं मौजूद हैं. उन्होंने रमनसिंह के परिवार के संस्कार की तारीफ करते हुए कहा कि मेरा स्वागत करने के लिए उनके पुत्र अभिषेक सिंह और पुत्रबधू एयरपोर्ट पहुंचे थे और बाद में राजभवन में उनकी पत्नी मेरा स्वागत करने पहुंची. यह देखकर मैं आश्चर्यचकित था कि रमनसिंह और उनका परिवार अतिथियों को कितना सम्मान और आदर देते हैं.

बृजमोहन से 1989 से परिचय
उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसदीय कार्यमंत्री बृजमोहन अग्रवाल की तारीफ करते हुए कहा कि 1989 में जब ये पहली बार मंत्री बने तो मैं लोकसभा अध्यक्ष बना तबसे परिचय रहा. मैं कह सकता हूं कि मेरी पत्नी ने अभी डॉक्टरेट की है और मैं वकालत करता हूं. इसलिए मैं और बृजमोहन अग्रवाल कई सालों से एक-दूसरे को जानते हैं. आश्चर्य कि धनखड़ का भाषण इतना प्रभावित रहा कि लगभग 45 मिनट के भाषण को उपस्थित विधायक और सभा शांत होकर सुनते रहे.

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के उदबोधन देने की बारी आई. उन्होंने धनखड़ की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि मैं भी विधानसभा अध्यक्ष रहा हूं, राजनीति में लम्बा समय बिताया है इसलिए आपको जानता हूं. नए विधायकों का और हमारा सौभाग्य है कि आपका अनुभव और मार्गदर्शन मिलेगा. आप बातों ही बातों में बहुत कुछ कह जाते हैं. वृक्षारोपण करने के दौरान आपने हम सबका हाथ पकड़ा और वृक्ष को पानी दिया. आप हंसते हंसते बहुत कुछ कह जाते हैं, सिखा जाते हैं. आपने मुझे राइटिस्ट क्यों कहा, इसका जवाब कृपया अवश्य दें. इस पर सदन में आश्चर्यमिश्रित प्रतिक्रियाएं हुईं. अंत में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को जब सम्मान के लिए बुलाया गया तो उन्होंने सदन को हंसाते हुए कहा कि राइट से आउं या लेफट से. और फिर लेफट की ओर से मंच पर आए. उन्हें विधायक धरम लाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, प्रतीक चिहन देकर सम्मानित किया गया.

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, मंत्री ओ पी चौधरी, मंत्री केदार कश्यप, विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक राजेश मूणत, विधायक अजय चंद्राकर, विधायक भावना बोरा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक रिकेश सेन, विधायक व्यास कश्यप, विधायक सुशांत शुक्ला इत्यादि जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.

Show More

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button