इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति न सिर्फ एक समाजसेविका हैं बल्कि एक मां भी हैं। वो लोगों को लाइफ में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देने के साथ-साथ पेरेंट्स को बच्चों की अच्छी परवरिश करने के लिए टिप्स भी देती रहती हैं। एक शो में सुधा जी ने कहा कि मां-बाप बनना एक जिम्मेदारी तो है लेकिन इसमें खुशी और आनंद भी बहुत है।
अपने बच्चे को बढ़ते हुए देखना, उसे स्कूल जाते हुए देखना, उसका सवाल करना और फिर एक दिन उसका बड़ा हो जाना, ये पूरी जर्नी काफी आनंदमय होती है। उन्होंने कहा कि मां-बाप का काम सिर्फ इतना है कि वो अपने बच्चे की परवरिश करें और उससे बदले में कुछ उम्मीद न करें।
सुधा जी ने कहा कि अगर आप ऐसा सोचते हैं कि आपने अपने बच्चे के ऊपर बहुत खर्चा किया है और बड़ा होकर या आपके बुढ़ापे में वो इसे लौटाएगा, तो गलत हैं। आपने बच्चे को जन्म दिया है अपनी खुशी के लिए। यह ईश्वर का अनमोल उपहार है। अगर आपको पता होगा कि एक पेरेंट के तौर पर आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, तो आप इस खूबसूरत जर्नी को अच्छे से इंजॉय कर पाएंगे। आगे आइए जानते हैं कि आप किस तरह से पेरेंटहुड को इंजॉय कर सकते हैं।
माता-पिता बच्चों के जीवन में सबसे प्रभावशाली रोल मॉडल होते हैं लेकिन आप बस इतना कर सकते हैं कि उन्हें अवसर प्रदान करें और उनके लिए सर्वश्रेष्ठ रोल मॉडल बनने का प्रयास करें। उसके बाद, बच्चे कैसे बनते हैं, यह उनकी पसंद है। इस वास्तविकता को स्वीकार करने आप शांत और संतुष्ट महसूस करेंगे।हर दिन कुछ ऐसा करें जिससे आप सिर्फ अपने आज को जी सकें। चाहे वह आपके बच्चे के साथ प्रकृति की सैर करना हो या घूमने जाना हो। अपने बच्चे के साथ कुछ ऐसा करें जिसका भविष्य से कोई लेना-देना न हो। इससे आप अपने बच्चे के साथ आज के पल को जी पाएंगे।
पुरानी कहावत है कि आप किसी चीज का आनंद तब तक नहीं ले सकते जब तक आप उसके लिए कीमत न चुकाएं, यह कहावत यहां सच साबित हो सकती है। परिवार के साथ छुट्टियों पर जाने का मतलब ऐसे समय से है जहां आप काम को छोड़कर अपने परिवार को समय देते हैं।