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जैन धरोहर दिवस पर संगोष्ठी, प्राचीन धरोहर हमारे सुदीर्घ इतिहास की साक्षी : कैलाश जैन रारा, गिरीश पंकज नीलम सांखला, डा अनिल द्विवेदी, ममता जैन, प्रदीप जैन, राजेश जैन ‘राही’ ने किया संबोधित

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रायपुर. स्थानीय वृंदावन हॉल सिविल लाइन रायपुर में श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय निर्मल कुमार सेठी की पंचम पुण्यतिथि के अवसर पर जैन धरोहर दिवस समारोह आयोजित किया गया।

इसे संबोधित करते हुए संयोजक कैलाश रारा ने कहा कि देश-विदेश में अवस्थित हमारी प्राचीन धरोहर हमारे सुदीर्घ इतिहास की साक्षी है, जिसकी हर कीमत पर रक्षा होनी चाहिए।

मुख्य वक्ता गिरीश पंकज ने अपने संबोधन में कहा कि मात्र देव मंदिरों का वास्तु शिल्प ही हमारी धरोहर नहीं है, पूज्य तीर्थंकरों की ज्ञान संपदा उससे भी बड़ी धरोहर है।

प्रमुख वक्ता जनमन के संपादक डॉ. अनिल द्विवेदी ने कहा कि जैन धारा, बौद्ध धारा एवं वैदिक धारा विविधता में एकता का संदेश लिए हमारे सनातन का सौंदर्य है।

सेवानिवृत्त जिला जज नीलम सांखला ने बताया कि जैन धर्म के दया, क्षमा, करुणा, परोपकार एवं प्राणी मात्र के प्रति संवेदना के सिद्धांत इसको महान से महानतम बनाते हैं।

कार्यक्रम अध्यक्ष दैनिक विश्व परिवार के संपादक प्रदीप जैन ने जैन धर्म के अहिंसा एवं अनेकांत के सिद्धांत को विश्व शांति का मूल मंत्र बताते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र से प्रचारित करने की आवश्यकता बतलाया।

ज्योतिर्विद उषा गंगवाल ने कहा कि आप कितने ही महावीर को मानते हो किंतु जब तक महावीर की नहीं मानेंगे तब तक आप सम्यक दिशा बोध को प्राप्त नहीं कर सकेंगे। कार्यक्रम समन्वयक डॉक्टर अजित शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि जैन वह है जिसके विचारों में अनेकांत, वाणी में श्याद्वाद एवं आचरण में अहिंसा हो। श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञानचंद पाटनी ने स्वर्गीय निर्मल कुमार सेठी को जैन धरोहर की रक्षा करने वाला विलक्षण व्यक्तित्व बतलाया। पंडित नितिन शास्त्री ने जैन धर्म को वीतराग प्रणीत धर्म बतलाया। खरतरगच्छ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश चंद सुराणा, प्रवीण जैन एवं डॉ. मंजुला जैन ने एक मिशन के रूप में जैन पुरातत्व के अनुसंधान की कार्यवाही को मूर्त रूप देने का सुझाव दिया।

कार्यक्रम में सचिव अरविंद जैन, धर्मचंद गंगवाल, पारस पापड़ीवाल, महेंद्र सेठी, राजेंद्र उमाठे, अक्षय जैन, मनीष जैन, स्वस्तिक जैन, साहिल, राजेंद्र ओझा, अनिता खंडेलवाल, योगेश शर्मा, अशोक वैश्य, ऋषि गुप्ता, जितेंद्र गोलछा, मीता अग्रवाल, एकता शर्मा, छबिलाल सोनी, अनुराग जैन एवं सी.एल. महावर आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती ममता जैन के द्वारा किया गया एवं मंगलाचरण कवि राजेश जैन ‘राही’ के द्वारा किया गया।

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