छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में स्थापित होगी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा, सीएम साय ने इतने करोड़ रुपए देने का किया ऐलान

बिगुल
पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आज भारतीय जनसंघ पार्टी के संस्थापक और जम्मू कश्मीर में जो दो प्रधान, दो विधान और दो निशान का विरोध करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष नंदन जैन, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
संभाग मुख्यालय और सभी जिलों में लगाई जाएगी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा
इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के विचार हमेशा एक नई प्रेरणा और उत्साह से भर देते हैं। इतिहास को हमेशा दोहराते रहना चाहिए उसे याद करते रहना चाहिए। कोई भी देश या समाज इतिहास भूल जाता है तो बिखर भी जाता है। (Dr. Syama Prasad Mookerjee Birth Anniversary) आज हम लोगों का भी सौभाग्य है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती समारोह में हम शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पांच संभाग मुख्यालय और प्रदेश के सभी जिलों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की मूर्ति स्थापित की जाएगी। इसके लिए संभाग मुख्यालय में मूर्ति स्थापना के लिए 50 लाख रु और जिलों में मूर्ति स्थापना के लिए 30 लाख रु इस तरह से करीब 10 करोड़ की राशि की स्वीकृति दी है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए हुए रास्ते पर चल रही है हमारी सरकार
Dr. Syama Prasad Mookerjee Birth Anniversary: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि, श्यामप्रसाद मुखर्जी देश के सबसे कम उम्र के कुलपति रहे है। उन्होंने कश्मीर में धारा 370 A का विरोध किया और आंदोलन चलाया, जम्मू कश्मीर जाने के लिए परमिट लिए जाने का विरोध किया, इसी कि वजह से उन्हें नजरबंद किया और इसी दौरान उनकी रहस्यमय मौत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्यामा प्रसाद के मुखर विरोध के कारण पश्चिम बंगाल और पंजाब पाकिस्तान में जाने से बचा था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इन्हीं कामों को बताने के लिए आज जगह उनकी जयंती मनाई जा रही है। हमारी सरकार भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए हुए रास्ते पर चल रही है।



