मध्यप्रदेश

एमपी में बारिश का कहर, 11 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी; बांधों के गेट खुले

बिगुल
मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और अगस्त के अंतिम दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। पूर्वी मध्यप्रदेश के 11 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि कई बांधों में पानी की आवक अचानक बढ़ गई है। बारिश के मौजूदा दौर के बीच बाणसागर बांध के छह गेट खोलने पड़े हैं। वहीं, चित्रकूट क्षेत्र में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब भी अपने पूर्ण जलभराव स्तर के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती दिनों में भी कई इलाकों में तेज से अति भारी बारिश की संभावना जताई है।

इन 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी मध्यप्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के चलते रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा भोपाल सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

बाणसागर बांध में अचानक बढ़ी पानी की आवक

शहडोल स्थित बाणसागर बांध में पानी का दबाव तेजी से बढ़ने के बाद बांध के छह गेट खोल दिए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ ही घंटों के दौरान बांध में पानी की आवक 808.64 घन मीटर प्रति सेकंड से बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच गई। बांध का जलस्तर पिछले वर्ष की तुलना में करीब 13 सेंटीमीटर अधिक बताया गया है। गेट खोले जाने के बाद निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

चित्रकूट में बाढ़ से बिगड़े हालात

सतना जिले के चित्रकूट में बाढ़ ने कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है। रविवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। तेज बारिश और पानी के बढ़ते दबाव के कारण कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ। गोरगी बांध के टूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण रामघाट क्षेत्र का बड़ा पुल भी प्रभावित हुआ। पानी कम होने के बाद कई घरों और सड़कों पर मिट्टी, कीचड़ और मलबा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को गंभीर बनाने वाले संभावित कारणों पर भी चर्चा की। हालात को देखते हुए चित्रकूट के स्कूलों में दो दिनों का अवकाश घोषित किया गया है।
सितंबर के पहले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में भी मध्यप्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम सहित कई क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता की जरूरत बताई जा रही है।
भोपाल का बड़ा तालाब भी भरने के करीब

राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब भी लगातार बारिश के बाद पूर्ण जलभराव स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट दर्ज किया गया है, जो इसके फुल टैंक लेवल से करीब 0.30 फीट नीचे है। यदि तालाब पूरी तरह भरता है तो भदभदा बांध के गेट खोले जा सकते हैं। इसका असर कलियासोत बांध और उससे जुड़े क्षेत्रों के जलस्तर पर भी पड़ सकता है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रदेश में सामान्य से अभी भी कम बारिश

मध्यप्रदेश में अब तक लगभग 700 मिलीमीटर यानी 27.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत से करीब 3.2 इंच कम बताई जा रही है। प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से लगभग 9 प्रतिशत कम दर्ज हुई है। करीब 39 जिलों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। जून में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, जबकि जुलाई में मानसून की स्थिति बेहतर होने से वर्षा सामान्य स्तर के आसपास पहुंची। अब अगस्त के अंतिम दिनों में सक्रिय हुए मौसम तंत्र ने कई इलाकों में बारिश की रफ्तार फिर बढ़ा दी है।

प्रशासन अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील

तेज बारिश और बांधों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों, नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग की आगामी दिनों की चेतावनी को देखते हुए मध्यप्रदेश में बारिश का असर सितंबर की शुरुआत में भी जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासनिक एजेंसियां लगातार जलस्तर और मौसम की स्थिति की निगरानी कर रही हैं।

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