Blog

बर्खास्त आरक्षक संतोष राठौर की बढ़ी मुश्किलें, आय-व्यय में लाखों का अंतर मिलने पर FIR

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में EOW-ACB ने विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र (चालान) पेश किया है। जांच के दौरान आरोपी की कुल आय और उसके खर्च के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार, संतोष राठौर की कुल वैध आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपये आंकी गई, जबकि इस अवधि में उसका कुल व्यय 62 लाख 28 हजार 137 रुपये पाया गया। यानी आरोपी की आय की तुलना में करीब 16.19 लाख रुपये अधिक खर्च सामने आया है।

EOW-ACB ने जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला पाया। इसके बाद नियमानुसार अभियोजन की स्वीकृति प्राप्त कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। एजेंसी ने आरोपी संतोष कुमार राठौर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के संशोधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था। अब जांच पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट के समक्ष चालान पेश किया गया है।

गांजा तस्करी और वसूली का भी आरोप
संतोष कुमार राठौर के खिलाफ पहले से ही गंभीर आरोपों से जुड़ा एक अन्य मामला चल रहा है। जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान उस पर ट्रेन में गांजा तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान जब्त गांजा अपने पास रखने और आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि गांजा तस्करी के आरोपियों से कथित तौर पर पैसे की वसूली की गई और रकम आपस में बांटी गई। इस मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 117/2024 दर्ज किया गया है। प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।

बिलासपुर जेल में बंद है आरोपी
गांजा तस्करी से जुड़े मामले में आरोपी संतोष कुमार राठौर फिलहाल बिलासपुर जेल में बंद है। उसके खिलाफ आपराधिक आचरण के आरोपों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, रेल छत्तीसगढ़ द्वारा 19 नवंबर 2024 को सेवा से पृथक कर दिया गया था।

दिसंबर 2024 में ACB ने मारा था छापा
आय से अधिक संपत्ति की जानकारी मिलने के बाद EOW-ACB ने संतोष राठौर के खिलाफ अपराध क्रमांक 57/2024 दर्ज किया था। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत दर्ज किया गया। इसके बाद 1 दिसंबर 2024 को ACB की टीम ने बिलासपुर स्थित आरोपी के निवास समेत अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आय तथा व्यय का आकलन किया गया। जांच में आय की तुलना में व्यय अधिक पाए जाने के बाद अब कोर्ट में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button