चैतन्य बघेल की बढ़ी मुश्किलें! कोर्ट ने फिर से 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा

बिगुल
छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की आज कोर्ट में पेशी हुई. जहां कोर्ट ने उन्हें फिर से 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया है.
छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ के शराब घोटाला मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ गई है. आज ED की रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें रायपुर की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें फिर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल
3200 करोड़ के शराब घोटाला मामले में ED की टीम ने पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे को गिरफ्तार 18 जुलाई गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद चैतन्य को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने चैतन्य बघेल को 22 जुलाई तक 5 दिनों के लिए ED की रिमांड पर भेजा गया था. इसके बाद आज 22 जुलाई को उन्हें 14 दिन की रिमांड पर भेजा गया था. वहीं आज रिमांड खत्म होने पर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट से भी लगा झटका
वहीं पूर्व CM भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. छत्तीसगढ़ शराब घोटाला, कोयला घोटाला, महादेव सट्टा ऐप केस समेत कई केस में फंसे भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं लगाई थीं. SC ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. साथ ही हाई कोर्ट जाने की बात कही है.
कैसे फंस गए चैतन्य?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पहले ही प्रदेश के पूर्व आबकारी मंत्री और वर्तमान में कोंटा के विधायक कवासी लखमा गिरफ्तार हो चुके हैं. वहीं, रायपुर के पूर्व मेयर ऐजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टूटेजा और आबकारी विभाग के पूर्व MD एपी त्रिपाठी के खिलाफ भी एक्शन लिया चुका है. माना जा रहा है कि शराब घोटाले में जुड़े रकम को चैतन्य बघेल और उनके करीबियों की संपत्ति में इंवेस्ट किया गया है.
छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस की सरकार थी यानी साल 2018 से 2023 के बीच प्रदेश में करीब 3200 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ है. इसे लेकर EOW ने चार्जशीट में जानकारी दी है कि इस घोटाले के पैसे से 11 आरोपी अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोडों की जमीन और दौलत भी खरीदी है. सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि अभी तक EOW के मुताबिक इन्होंने पूरे शराब घोटाले में करीब 61 लाख अवैध पेटी शराब बिकवाकर 2174 करोड़ रुपए की चपत लगाई थी. लेकिन अब जब इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई तो पता चला कि यह घोटाला 2174 नहीं बल्कि 3200 करोड़ से अधिक का है.