ब्रेकिंग : पूर्व आइएएस अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, 175 करोड़ का राइस मिलिंग स्कैम, 600 करोड़ का डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन स्कैम, 540 करोड़ का कोल लेवी स्कैम, 2000 करोड़ से ज्यादा के शराब स्कैम का है आरोप

बिगुल
पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा भूपेश बघेल सरकार में ताकतवर ऑफिसर रहे हैं. उन पर कई बड़े घोटालों में शामिल होने का आरोप है. उनसे अलग-अलग जांच एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं. टुटेजा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके सभी मामलों में एक साथ पूछताछ करने और बेल देने की अपील की थी. जिसे उच्चतम न्यायालय ने ठुकरा दिया है.
क्या है पूरा मामला?
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने की. अनिल टुटेजा की ओर से शोएब आलम पेश हुए. उन्होंने कोर्ट में कहा कि टुटेजा को जब एक मामले में बेल मिलने वाली थी तो जांच एजेंसियों ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने कोर्ट को बताया कि टुटेजा अप्रैल 2024 से जेल में हैं. वे EOW और ED से पूछताछ के लिए उन्होंने अपनी मर्जी से कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी का डर है तो जमानत और अग्रिम जमानत मांग सकते हैं. इसके साथ ही CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा ओमनीबस बेल ऑर्डर (Omnibus Bail Order) से मना करना सही है. इसके साथ ही बेंच ने कहा कि यदि वे एक हफ्ते के भीतर जमानत याचिका दायर करते हैं तो दो से चार हफ्ते के भीतर उच्च न्यायालय को प्राथमिकता के आधार पर फैसला करना होगा.
टुटेजा पर क्या आरोप हैं?
अनिल टुटेजा पर 175 करोड़ रुपये के राइस मिलिंग स्कैम, 600 करोड़ रुपये के डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन स्कैम (DMF), 540 करोड़ का कोल लेवी स्कैम, 2000 करोड़ से ज्यादा के शराब स्कैम, पीडीएस स्कैम और महादेव बेटिंग एप स्कैम में शामिल होने का आरोप है.



